चंडीगढ़ । भारतीय टेनिस खिलाड़ी करमन कौर थांडी ने फ्रेंच ओपन (रोलां गैरो) महिला एकल क्वालिफाइंग ड्रॉ में जगह बना ली है। वह क्वालिफाइंग के पहले दौर में फ्रांस की हार्मनी टैन का सामना करेंगी। दोनों खिलाड़ी क्वालिफाइंग ड्रॉ में गैर-वरीयता प्राप्त हैं।
करमन कौर थांडी को उनकी प्रोटेक्टेड रैंकिंग (पीआर) 238 के आधार पर इस प्रतिष्ठित क्वालिफाइंग ड्रॉ में प्रवेश मिला। इसी रैंकिंग के चलते उन्हें आधिकारिक एंट्री सूची में 119वां स्थान प्राप्त हुआ। प्रोटेक्टेड रैंकिंग प्रणाली लंबे समय तक चोट के कारण बाहर रहने वाले खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर की प्रतियोगिताओं में वापसी का अवसर प्रदान करती है।
चोट से वापसी के बाद ग्रैंड स्लैम मंच पर करमन की वापसी भारतीय टेनिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनके इस टूर्नामेंट में खेलने के साथ ही भारत का ग्रैंड स्लैम एकल स्पर्धाओं में प्रतिनिधित्व का सूखा समाप्त हो गया है। अब वह दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों के बीच मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने की चुनौती पेश करेंगी।
चंडीगढ़ स्थित राउंडग्लास टेनिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहीं करमन ने अपनी फिटनेस और फॉर्म में वापसी के लिए कड़ी मेहनत की है। उनकी संघर्षपूर्ण वापसी अकादमी के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
ड्रॉ घोषित होने के बाद करमन कौर थांडी ने कहा,“मेरे लिए रोलां गैरो यह याद दिलाता है कि असफलताएं आपकी पहचान नहीं होतीं, बल्कि वापसी का साहस आपको परिभाषित करता है। मुझे गर्व है कि मैं भारत का प्रतिनिधित्व दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक पर कर रही हूं। हर खिलाड़ी ऐसे पलों का सपना देखता है। मैं रोलां गैरो में उद्देश्य, आभार और आत्मविश्वास के साथ उतर रही हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “चोट से वापसी कर इस स्तर पर दोबारा खेलना इस सफर को और खास बनाता है। यह दिखाता है कि दृढ़ता और विश्वास आपको वहीं वापस ले जा सकते हैं जहां आप वास्तव में बिलॉन्ग करते हैं।”
राउंडग्लास टेनिस अकादमी ने भी करमन की वापसी को भारतीय टेनिस के लिए प्रेरणादायक क्षण बताया और उनके सफल अभियान की कामना की।

