अबू धाबी | पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य संघर्ष के बीच एक ऐतिहासिक रक्षा घटनाक्रम सामने आया है। इजराइल ने पहली बार अपनी सीमा से बाहर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा के लिए अपना विश्व प्रसिद्ध एयर डिफेंस सिस्टम ‘आयरन डोम’ (Iron Dome) तैनात किया है। यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव और हालिया मिसाइल हमलों के मद्देनजर उठाया गया है।
ऐतिहासिक सैन्य सहयोग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद यह तैनाती की गई है। इसके तहत इजराइली सेना ने न केवल मिसाइल डिफेंस बैटरी बल्कि अपनी विशेषज्ञ इंटरसेप्टर टीम भी यूएई भेजी है।
क्यों पड़ी जरूरत?
हाल के दिनों में ईरान और उसके समर्थित गुटों द्वारा यूएई को निशाना बनाकर कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। हालांकि यूएई ने अधिकांश खतरों को हवा में ही नाकाम करने का दावा किया है, लेकिन कुछ हमले नागरिक और सैन्य ठिकानों तक पहुँचने में सफल रहे थे। हवाई हमलों की इसी बढ़ती आवृत्ति को देखते हुए इजराइली रक्षा प्रणाली को सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के रूप में तैनात किया गया है।
अब्राहम समझौते की बढ़ती ताकत
यह पहली बार है जब इजराइल ने अपने ‘आयरन डोम’ को किसी दूसरे देश में सक्रिय ऑपरेशनल मोड में तैनात किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2020 में हुए अब्राहम समझौते (Abraham Accords) के बाद यह दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की सबसे बड़ी मजबूती है।
यह तैनाती न केवल यूएई की सुरक्षा को पुख्ता करती है, बल्कि ईरान को यह कड़ा संदेश भी देती है कि क्षेत्र में इजराइल और अरब देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी अब एक नए और गहरे चरण में प्रवेश कर चुकी है।

