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Friday, June 12, 2026

अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर भारत सख्त, अमेरिकी राजनयिक को तलब कर 40 मिनट तक दर्ज कराया कड़ा विरोध

नई दिल्ली: समुद्र में एक जहाज पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों (Indian Sailors) की दर्दनाक मौत के बाद भारत सरकार ने बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए अमेरिकी प्रशासन को कड़ा संदेश भेजा है।

विदेश मंत्रालय ने भारत में तैनात वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स (Jason Meeks) को साउथ ब्लॉक स्थित मुख्यालय में तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात बेहद तनावपूर्ण माहौल में हुई, जहां भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी राजनयिक के सामने करीब 40 मिनट तक इस गंभीर चूक और नाविकों की मौत पर सख्त विरोध दर्ज कराया।

भारत का सख्त संदेश: जवाबदेही तय करे अमेरिका

बैठक के दौरान भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि निर्दोष भारतीय नागरिकों की इस तरह मौत किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। भारत ने अमेरिकी राजनयिक से इस पूरी घटना की तुरंत एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन को इस हमले की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और दोषी सैन्य अधिकारियों व कमांडरों की जवाबदेही तय करनी होगी।

कैसे और कहां हुआ हमला?

सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर घटित हुई, जहां अमेरिकी सेना किसी अन्य संदिग्ध लक्ष्य को निशाना बना रही थी। इसी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक व्यापारिक जहाज (Merchant Vessel) अमेरिकी हमले की चपेट में आ गया। इस जहाज पर चालक दल के सदस्यों के रूप में कई भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से तीन नाविकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कूटनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

आमतौर पर बेहद करीबी रणनीतिक साझेदार माने जाने वाले भारत और अमेरिका के बीच इस घटना ने कूटनीतिक मोर्चे पर अचानक कड़वाहट और तनाव पैदा कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने अमेरिकी राजनयिक को स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका को अपने ‘रूल्स ऑफ एंगेजमेंट’ (Rules of Engagement) की समीक्षा करनी होगी।

इस गंभीर मामले पर अब तक अमेरिकी दूतावास या वाशिंगटन (पेंटागन) की ओर से कोई आधिकारिक रक्षात्मक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन भारत के इस सख्त रुख ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी देश के सामने झुकने वाला नहीं है।

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