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Sunday, June 21, 2026

नीट-यूजी 2026 पुनरीक्षा: कड़े सुरक्षा घेरे में शांतिपूर्ण संपन्न हुई देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

नई दिल्ली | देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2026’ (NEET-UG 2026) की पुनरीक्षा रविवार को देश भर में कड़े सुरक्षा प्रबंधों और पुख्ता तैयारियों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। दोपहर 2:00 बजे शुरू हुई यह परीक्षा शाम 5:15 बजे तक चली, जिसमें परीक्षार्थियों को पेपर हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में देश भर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। नियमों के मुताबिक, दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए, जिसके बाद किसी भी छात्र को एंट्री नहीं दी गई।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम और आधुनिक तकनीक का तालमेल

परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए जो पहले कभी नहीं देखे गए:

  • हेलीकॉप्टर से प्रश्नपत्रों की डिलीवरी: प्रश्नपत्रों को पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीयता के साथ केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया।

  • एआई (AI) आधारित सीसीटीवी निगरानी: देश भर के 5,440 परीक्षा केंद्रों के 95 हजार से अधिक कमरों में करीब 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरे चालू थे। इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) सिस्टम के जरिए की गई।

  • हाई-टेक जैमर्स: किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या डिजिटल चीटिंग को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर 51,311 सिग्नल जैमर एक्टिव रखे गए थे।

  • झारखंड में विशेष चौकसी: झारखंड के 67 परीक्षा केंद्रों पर भी सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निषेधाज्ञा (धारा 144 आदि) लागू की गई थी।

परीक्षा के दिन दिखीं संवेदनशीलता और हौसले की प्रेरक तस्वीरें

इस महापरीक्षा के दौरान जहां एक तरफ कड़ाई थी, वहीं दूसरी तरफ मानवीय संवेदना और अटूट हौसले की कहानियां भी सामने आईं:

  • सर्जरी के बाद भी परीक्षा देने पहुंचीं सृष्टि: एक सड़क हादसे में घायल होने और बड़ी सर्जरी से गुजरने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने परीक्षा देने का असाधारण साहस दिखाया। परिवार के अनुरोध पर परीक्षा केंद्र में उनके लिए विशेष मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी खुद छात्रा के परिजनों से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

नियमों की कड़ाई: कुछ मिनट की देरी और छूट गया साल

एक तरफ जहां हौसले की मिसाल दिखी, वहीं नियमों की सख्त पाबंदी के कारण कुछ छात्रों को मायूसी भी हाथ लगी। भोपाल में एक सड़क दुर्घटना के कारण प्राथमिक उपचार कराने में समय लग जाने की वजह से दो अभ्यर्थी महज कुछ मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे। हालांकि, सख्त नियमों के चलते केंद्र प्रशासन ने निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी और वे परीक्षा से वंचित रह गए।

आगे का रास्ता: पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित हुई इस पुनरीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराकर एनटीए ने व्यवस्था को सुधारने की बड़ी कोशिश की है। अब लाखों अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा परिणामों का इंतजार है, जिसके आधार पर देश के प्रतिष्ठित मेडिकल और डेंटल संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी।

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