गुरुग्राम (हरियाणा) । राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-39 की टीम ने शहर में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा है. पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए इन सभी आरोपियों के पास से बांग्लादेश की नागरिकता से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज बरामद हुए हैं.
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी विदेशी नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जल्द ही वापस उनके देश (डिपोर्ट) भेज दिया जाएगा.
खुफिया इनपुट पर हुई छापेमारी
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (अपराध) हितेश यादव के नेतृत्व में मिली एक पुख्ता और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई:
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संदिग्ध ठिकानों पर दबिश: क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुग्राम की विभिन्न निर्माणाधीन साइट्स (Construction Sites) और झुग्गी-झोपड़ियों में अचानक छापेमारी कर वहां रह रहे संदिग्धों की पहचान और नागरिकता का सत्यापन (Verification) किया.
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बॉर्डर पार कराने वाला एजेंट नेटवर्क: शुरुआती जांच और पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी ‘कालियागंज बॉर्डर’ के रास्ते एक बांग्लादेशी एजेंट की मदद से अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे. इसके बाद वे पहचान छिपाकर यहां दिहाड़ी मजदूर के रूप में रहने लगे.
पुलिस की आम जनता और RWA से अपील
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस उपायुक्त हितेश यादव ने स्थानीय नागरिकों, मकान मालिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) से सुरक्षा के लिहाज से बेहद सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
पुलिस ने साफ किया है कि बिना सत्यापन के किसी भी संदिग्ध या अज्ञात व्यक्ति को शरण या रोजगार देना कानूनी रूप से भारी पड़ सकता है, इसलिए स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन का सहयोग करें.
