32.1 C
Kolkata
Friday, July 17, 2026

यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्ध बुलंदशहर से गिरफ्तार, संवेदनशील जगहों की रेकी का था टास्क

बुलंदशहर/लखनऊ, 19 जून। उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों और टेरर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एटीएस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने, संवेदनशील स्थलों की रेकी करने और देश में भय व आतंक का माहौल पैदा करने की साजिश में शामिल थे।

पाकिस्तानी गैंगस्टर्स और हैंडलर्स से सीधा कनेक्शन

अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून व्यवस्था अमिताभ यश द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आतंकी हैंडलर आबिद जट्ट के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।

  • संदिग्धों की पहचान: गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बुलंदशहर के ग्राम अकबरपुर निवासी मोहम्मद उमर और फैजान के रूप में हुई है।

  • पहचान छुपाकर रह रहे थे: शुरुआती जांच और खुफिया इनपुट के मुताबिक, ये दोनों आरोपी बुलंदशहर में अपनी असली पहचान छुपाकर ‘स्लीपर सेल’ (Sleeper Cell) के रूप में सक्रिय थे।

आंतकी हैंडलर्स ने दिए थे ये बड़े टास्क

एटीएस की पूछताछ और तफ्तीश में इन संदिग्धों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • पोस्टर और वीडियो का टास्क: दोनों आरोपियों को बुलंदशहर के विभिन्न सार्वजनिक और प्रमुख इलाकों में पाकिस्तानी डॉन आबिद जट्ट के पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके साथ ही पोस्टर लगाते हुए वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का निर्देश था, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम (फंडिंग) मिलनी थी। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच दहशत फैलाना था।

  • संवेदनशील ठिकानों की रेकी: इन संदिग्धों को आर्मी कैंट (सैन्य क्षेत्रों) और अन्य अति-संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी करने का भी टास्क दिया गया था।

  • मिले पुख्ता सबूत: एटीएस ने आरोपियों के पास से आबिद जट्ट के पोस्टर, पोस्टर चिपकाते समय रिकॉर्ड किए गए वीडियो और कई अन्य आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

नेटवर्क खंगालने में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस और केंद्रीय सुरक्षा जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों से लगातार कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य फोकस अब इस बात पर है कि:

  1. इन संदिग्धों को पाकिस्तान से सीधे तौर पर क्या निर्देश और रणनीतियां मिल रही थीं?

  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में इस नेटवर्क से और कौन-से स्थानीय लोग जुड़े हुए हैं?

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस मॉड्यूल के तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Related Articles

नवीनतम लेख