रांची, 15 जून। झारखंड के नवनियुक्त एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) रोहितश्य रॉय ने सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट परिसर स्थित महाधिवक्ता कार्यालय में औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ताओं, जूनियर वकीलों और अधिवक्ता लिपिकों (क्लर्क) ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर नए कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
राजीव रंजन का इस्तीफा और त्वरित नियुक्ति
झारखंड के विधिक इतिहास में यह घटनाक्रम बेहद तेजी से बदला:
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रविवार को इस्तीफा: पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन ने रविवार को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से अचानक त्यागपत्र दे दिया था।
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देर शाम अधिसूचना: राज्य सरकार ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्रवाई की और रविवार की देर शाम ही रोहितश्य रॉय को झारखंड का नया महाधिवक्ता नियुक्त करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।
संत जेवियर डोरंडा से पुणे के सिम्बायोसिस तक का सफर
14 मई 1980 को जन्मे रोहितश्य रॉय की जड़ें रांची से गहराई से जुड़ी हुई हैं:
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: वे रांची के स्वर्गीय प्रतिष्ठित अधिवक्ता वीरेन्द्र नाथ राय (लोकप्रिय नाम- बीरू बाबू) के पुत्र हैं।
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प्रारंभिक शिक्षा: उनकी स्कूली शिक्षा रांची के नामचीन स्कूल संत जेवियर स्कूल, डोरंडा से पूरी हुई, जहां छात्र जीवन के दौरान ही उनका झुकाव कानून और सामाजिक सरोकारों की तरफ बढ़ने लगा था।
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उच्च शिक्षा: उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय के विख्यात सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज से विधि (Law) की पढ़ाई की और वर्ष 2003 में एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की।
दो दशक का शानदार कानूनी अनुभव
वर्ष 2003 में एलएलबी पूरा करने के बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में अपनी वकालत की शुरुआत की। पिछले 23 वर्षों के लंबे कानूनी सफर में उन्होंने अपनी मेहनत, प्रभावशाली पैरवी और विधिक मामलों की गहरी समझ के बूते एक भरोसेमंद वकील के रूप में पहचान बनाई। अपनी उत्कृष्ट विधिक प्रतिभा और निष्पक्ष पेशेवर आचरण के कारण वे बार (वकीलों) और बेंच (जजों) दोनों के बीच बेहद सम्मानित स्थान रखते हैं।
