रांची । फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) और कर्नाटक के बल्लारी डिस्ट्रिक्ट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच व्यापार एवं निवेश की संभावनाओं को लेकर शुक्रवार को रांची के चैंबर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से झारखंड सरकार के उद्योग सचिव अरवा राजकमल और उद्योग निदेशक विशाल सागर शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस आइडिया, निवेश के अवसर और व्यापार विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में आपसी तालमेल के साथ उद्योगों के विकास के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। इस खास मौके पर दोनों चैंबर ऑफ कॉमर्स के बीच एक एमओयू (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
झारखंड में निवेश की अपार संभावनाएं: आदित्य मल्होत्रा
झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बल्लारी चैंबर के अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि झारखंड खनिज के मामले में बेहद समृद्ध राज्य है, जहां लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है और कुशल श्रमबल (लेबर) भी आसानी से उपलब्ध है।
इसके अलावा राज्य में मसाला, सब्जी, कॉटन, राइस मिल, रियल एस्टेट और एक्सपोर्ट सेक्टर में भी काम करने के बड़े अवसर हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के ‘सोनार झारखंड 2050 विजन’ के तहत राज्य उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा।
उद्योगों और जमीन की कोई कमी नहीं: अरवा राजकमल
उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड उद्योगों की दृष्टि से काफी समृद्ध है। उन्होंने कहा कि बल्लारी माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी सेक्टर में आगे है, ऐसे में दोनों राज्यों के बीच एक-दूसरे से सीखने और साथ मिलकर काम करने की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि झारखंड में उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है।
इन क्षेत्रों में सहयोग पर बनी सहमति
उद्योग निदेशक विशाल सागर ने कर्नाटक के उद्यमियों को झारखंड में निवेश का न्योता देते हुए कहा कि राज्य में फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म और एग्रीकल्चर सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। सरकार रोजगार बढ़ाने और औद्योगिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान दोनों राज्यों के व्यापारियों के बीच कई मुख्य विषयों पर सहमति बनी:
बल्लारी के स्पंज आयरन यूनिट्स के लिए झारखंड से कोयले की सप्लाई।
झारखंड के व्यापारियों के लिए कर्नाटक से कॉटन, मिर्ची और रेडीमेड जींस की सप्लाई।
झारखंड में पैदा होने वाले कृषि उत्पादों की कर्नाटक में आपूर्ति।
धार्मिक और कन्वेंशनल टूरिज्म को बढ़ावा देना।
बल्लारी चैंबर के अध्यक्ष अव्वरु मंजूनाथ ने भी झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया और बेंगलुरु में होने वाले एमएसएमई कॉन्क्लेव के लिए झारखंड चैंबर को न्योता दिया।

