नई दिल्ली । राष्ट्रमंडल खेल 2026 के रंगारंग उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के महज 12 घंटे बाद ही भारतीय दल अपने असली लक्ष्य यानी पदक जीतने की तैयारी में जुट गया है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अनुसार, गुरुवार रात ग्लासगो के ओवीओ हाइड्रो एरिना में आयोजित उद्घाटन समारोह के बाद शुक्रवार सुबह से ही खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ अभ्यास, रिकवरी और रणनीति बनाने में व्यस्त हो गए।
जश्न के बाद तैयारियों पर पूरा ध्यान
उद्घाटन समारोह भारतीय खिलाड़ियों के लिए गौरव का क्षण जरूर था, लेकिन उनका असली अभियान शुक्रवार सुबह से शुरू हो गया। होटल, प्रशिक्षण केंद्रों और रिकवरी सुविधाओं में खिलाड़ियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दीं।
भारतीय दल के ठहरने वाले होटलों में सुबह से ही खेल का माहौल नजर आया। कोच मुकाबलों की रणनीति तैयार करने में जुटे रहे, फिजियोथेरेपिस्ट खिलाड़ियों के रिकवरी सत्र संभालते दिखे, जबकि पोषण विशेषज्ञ खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार आहार योजना पर काम करते रहे। टीम प्रबंधन ने प्रतियोगिताओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया।
ग्लासगो की कॉम्पैक्ट व्यवस्था खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की सबसे बड़ी विशेषता इसका कॉम्पैक्ट आयोजन है। अधिकतर प्रतियोगिताएं पहले से मौजूद विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले स्थलों पर आयोजित की जा रही हैं। इससे खिलाड़ियों का यात्रा समय कम हुआ है और उन्हें अभ्यास, आराम तथा रिकवरी के लिए अधिक समय मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे टूर्नामेंट में इस तरह की व्यवस्था खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
सहयोगी स्टाफ की भूमिका अहम
भारतीय खिलाड़ियों की सफलता में डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, शारीरिक प्रशिक्षण विशेषज्ञ, टीम प्रबंधक और अन्य सहयोगी कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पूरी टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान सभी जरूरी सुविधाएं समय पर मिलें और उनका पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित रहे।
भारतीय ओलंपिक संघ भी राष्ट्रीय खेल महासंघों, कोचों और आयोजन समिति के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि खिलाड़ियों को किसी तरह की प्रशासनिक या व्यवस्थागत परेशानी का सामना न करना पड़े।
अहमदाबाद 2030 के लिए मिल रही सीख
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल भारत के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद में प्रस्तावित है। मौजूदा खेल सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल, परिवहन व्यवस्था और खिलाड़ियों को केंद्र में रखकर की गई योजना भारत के लिए भविष्य के आयोजन की तैयारियों में मददगार साबित हो सकती है।
भारतीय दल के लिए अब उद्घाटन समारोह की यादें पीछे छूट चुकी हैं। खिलाड़ियों का पूरा ध्यान ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन कर अधिक से अधिक पदक जीतने पर है।
