काठमांडू । नेपाल का कुल सार्वजनिक ऋण वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक बढ़कर करीब 2.97 ट्रिलियन पहुंच गया है। नेपाल के सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अब देश का कुल सार्वजनिक कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 45.07 प्रतिशत हो गया है।
एक साल में 300.85 बिलियन बढ़ा कर्ज
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष की शुरुआत में नेपाल का कुल सार्वजनिक ऋण 2.67 ट्रिलियन था, जो वर्ष के अंत तक बढ़कर 2.97 ट्रिलियन हो गया। इस दौरान विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से हुए नुकसान सहित कर्ज में करीब 300.85 बिलियन की वृद्धि दर्ज की गई।
कुल सार्वजनिक ऋण में 53.77 प्रतिशत हिस्सा विदेशी कर्ज का है, जबकि 46.23 प्रतिशत घरेलू ऋण है। वित्तीय वर्ष के अंत तक विदेशी कर्ज 1.60 ट्रिलियन और घरेलू कर्ज 1.38 ट्रिलियन दर्ज किया गया।
ऋण जुटाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर सकी सरकार
नेपाल सरकार ने वित्तीय वर्ष के दौरान 595.66 बिलियन सार्वजनिक ऋण जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वह केवल 447.18 बिलियन ही जुटा सकी। यह निर्धारित लक्ष्य का 75.07 प्रतिशत है।
कुल जुटाए गए ऋण में घरेलू कर्ज की हिस्सेदारी 358.66 बिलियन रही, जबकि विदेशी ऋण 88.50 बिलियन रहा। सरकार घरेलू ऋण जुटाने के लक्ष्य का 99.08 प्रतिशत हासिल करने में सफल रही, लेकिन विदेशी ऋण का लक्ष्य केवल 37.88 प्रतिशत ही पूरा हो सका।
ऋण चुकाने में खर्च हुए 386.22 बिलियन
रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में कर्ज चुकाने के लिए 386.22 बिलियन खर्च किए। ऋण पुनर्भुगतान के लिए 411.01 बिलियन का बजट निर्धारित था।
घरेलू ऋण भुगतान 311.93 बिलियन रहा, जिसमें 250.56 बिलियन मूलधन और 61.37 बिलियन ब्याज शामिल है। वहीं विदेशी ऋण भुगतान 74.28 बिलियन रहा, जिसमें 61.84 बिलियन मूलधन और 12.44 बिलियन ब्याज शामिल है।
रिपोर्ट में बताया गया कि ऋण सेवा पर हुआ कुल खर्च नेपाल के जीडीपी का 5.85 प्रतिशत रहा। विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव ने भी नेपाल के कर्ज बोझ को बढ़ाया है। विनिमय दर से हुए नुकसान ने वित्तीय वर्ष के दौरान सार्वजनिक ऋण में 6.24 प्रतिशत की वृद्धि की, जो कुल ऋण वृद्धि का 55.51 प्रतिशत हिस्सा रहा।
