मेलबर्न। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत मेलबर्न में भारतीय समुदाय के भव्य स्वागत के साथ हुई। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग उनका स्वागत करने पहुंचे। प्रधानमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए भारतीय समुदाय का आभार जताते हुए इसे अविस्मरणीय बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि मेलबर्न का मौसम भले ही ठंडा हो, लेकिन भारतीय समुदाय के स्वागत की गर्मजोशी हमेशा याद रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत के प्रति प्रवासी भारतीयों का स्नेह और अटूट जुड़ाव गर्व और खुशी का विषय है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय ने ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भारतीय संस्कृति पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियन-इंडिया ऑर्केस्ट्रा की ओर से प्रस्तुत ‘मां तुझे सलाम’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि संगीत दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने इसे भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की वैश्विक लोकप्रियता का प्रतीक भी बताया।
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक वाद्य डिड्जेरिडू और भारत के तबले की संयुक्त प्रस्तुति की भी प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का सुंदर उदाहरण है। मेलबर्न में प्रस्तुत कथक नृत्य की भी उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय कला और संस्कृति के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
शिखर सम्मेलन और सीईओ फोरम में होंगे शामिल
अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। वह ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से मुलाकात करेंगे तथा भारत-ऑस्ट्रेलिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोरम में दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मेलबर्न में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे।
