आज झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के रिटेल ट्रेड उप समिति की बैठक चैम्बर भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में खुदरा व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत विमर्श किया गया। बैठक के दौरान ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव से खुदरा व्यापारियों को हो रही परेशानियों पर विशेष रूप से विमर्श किया गया। सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की कीमत खुदरा दुकानों की तुलना में अधिक है जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे किसी भी वस्तु की खरीदारी से पूर्व मूल्य का उचित मिलान अवश्य करें।
ट्रेड लाइसेंस के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। एक व्यापारी द्वारा यह जानकारी दी गई कि उन्होंने 5 वर्षों के लिए ट्रेड लाइसेंस लिया था, किंतु वार्ड संख्या में परिवर्तन के कारण न तो उन्हें नया लाइसेंस प्राप्त हुआ और न ही पूर्व में जमा राशि की वापसी हो सकी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए चैम्बर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने आश्वासन दिया कि आगामी 21 अप्रैल को चैम्बर भवन में नगर निगम के सहयोग से ट्रेड लाइसेंस कैंप का आयोजन किया जाएगा। कैंप में इस तरह की समस्याओं का निराकरण सुगमता से कराने का प्रयास भी किया जायेगा।
बैठक में फूड लाइसेंस के नए प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। रिटेल ट्रेड उप समिति के चेयरमैन योगेंद्र पोद्दार ने कहा कि संबंधित विभाग के पदाधिकारी व्यापारियों को नए नियमों एवं रिन्यूअल प्रक्रिया के संबंध में जागरूक करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक का समापन व्यापारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु समन्वित प्रयासों के संकल्प के साथ किया गया। बैठक में चैम्बर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, उप समिति चेयरमैन योगेन्द्र प्रसाद पोद्दार, सदस्य अशोक अग्रवाल, संजय कुमार बोड़ा, कृष्ण कुमार गोयल, दीपक कुमार अग्रवाल, श्याम अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

