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Thursday, June 4, 2026

पूर्व टीएमसी विधायक तिलक कुमार चक्रवर्ती गिरफ्तार: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप

मेदिनीपुर । पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिला अंतर्गत महिषादल क्षेत्र से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर है। यहाँ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक तिलक कुमार चक्रवर्ती को पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व विधायक पर आरोप है कि उन्होंने क्षेत्र के कई बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली और उनके साथ धोखाधड़ी (ठगी) की। पुलिस की एक विशेष टीम ने बुधवार की देर रात उनके तेरपेख्या स्थित पैतृक आवास पर अचानक छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया और थाने ले आई।

विधायक बनते ही शुरू हुआ था वसूली का खेल, थानों में दर्ज थीं शिकायतें

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिलक कुमार चक्रवर्ती वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक टिकट पर महिषादल सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। आरोप है कि विधायक बनने के कुछ समय बाद से ही उन्होंने अपने पद और राजनैतिक प्रभाव का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। उनके खिलाफ शिक्षा विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में स्थाई नौकरी लगवाने के नाम पर कई स्थानीय नागरिकों और युवाओं से पैसे ऐंठने की गंभीर शिकायतें लगातार सामने आने लगी थीं। उस दौरान भी इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी हंगामा हुआ था और पुलिस में बाकायदा लिखित शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

चुनाव हारने और राज्य में सत्ता बदलने के बाद कसता गया कानूनी शिकंजा

गौरतलब है कि वर्ष 2026 के हालिया विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा महिषादल से अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, जनता के भारी आक्रोश और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुभाष चंद्र पांजा से 25 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से चुनाव हार गए। राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में हुए बदलाव और नई प्रशासनिक व्यवस्था के बाद, पुराने भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और पेंडिंग मामलों की फाइलों को दोबारा खोलकर जांच तेज की गई, जिसके केंद्र में तिलक चक्रवर्ती भी आ गए।

देर रात 10:40 बजे पुलिस की दबिश, साइकिल दुकानदार से विधायक बनने तक का सफर

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार की रात करीब 10:40 बजे पुलिस अधिकारियों और सशस्त्र जवानों की एक संयुक्त टीम ने पूर्व विधायक के गांव स्थित आवास को चारों तरफ से घेर लिया और घर के भीतर सघन तलाशी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय लोग बताते हैं कि सक्रिय राजनीति में कदम रखने और विधायक का रसूखदार पद पाने से पहले तिलक कुमार चक्रवर्ती महिषादल बाजार में एक बेहद सामान्य साइकिल मरम्मत की दुकान चलाया करते थे। बाद में टीएमसी के जरिए वे मुख्यधारा की राजनीति में आए और सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे। फिलहाल पुलिस ठगी की कुल रकम और इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ कर रही है।

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