फिल्म: उत्तर दा पुत्तर
कलाकार: अन्नू कपूर, रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, जीवेशु अहलूवालिया, सुमित गुलाटी, राजेंद्र सेठी, नितिन अरोड़ा, वीनस सिंह, इश्तियाक खान
निर्देशक: रविंदर सिवाच
निर्माता: संदीप कपूर, प्रिया कपूर
रेटिंग: ⭐⭐⭐½ (3.5/5)
आज के समय में ऐसी पारिवारिक हास्य फिल्में कम देखने को मिलती हैं, जो मनोरंजन के साथ कोई सार्थक संदेश भी दें। निर्देशक रविंदर सिवाच की ‘उत्तर दा पुत्तर’ इसी श्रेणी की फिल्म है। यह अंधविश्वास और तर्क के बीच के अंतर को हल्के-फुल्के हास्य के जरिए पेश करती है और दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
कहानी में हास्य के साथ संदेश
फिल्म की कहानी दिल्ली के फिजिक्स प्रोफेसर साई राम टुटेजा (अन्नू कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। विज्ञान पढ़ाने वाले प्रोफेसर अपनी निजी जिंदगी में हर फैसले के लिए वास्तु, शुभ-अशुभ और टोटकों पर भरोसा करते हैं। परिवार के लिए आदर्श घर मिलने के बाद एक हादसा उनकी जिंदगी बदल देता है। पत्नी गिन्नी (रुखसार रहमान) उनसे नाराज होकर घर छोड़ देती हैं। इसके बाद साई राम अपने दोस्त मन्नू (बृजेंद्र काला) के साथ परिवार को वापस पाने की यात्रा पर निकलते हैं। इसी सफर में कई मजेदार घटनाएं और दिलचस्प किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
निर्देशन और अभिनय की मजबूत पकड़
निर्देशक रविंदर सिवाच ने फिल्म को उपदेशात्मक बनाने के बजाय मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया है। दिल्ली का परिवेश, स्थानीय भाषा और किरदार कहानी को वास्तविकता के करीब ले जाते हैं। हालांकि दूसरे भाग में कुछ जगह रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है, लेकिन हास्य का प्रवाह बना रहता है।
अन्नू कपूर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी संवाद अदायगी, कॉमिक टाइमिंग और भावनात्मक अभिनय दर्शकों को प्रभावित करता है। रुखसार रहमान ने संतुलित अभिनय किया है। बृजेंद्र काला और पवन मल्होत्रा अपने किरदारों में प्रभाव छोड़ते हैं। जीवेशु अहलूवालिया, इश्तियाक खान, राजेंद्र सेठी, सुमित गुलाटी और नितिन अरोड़ा ने भी अपनी भूमिकाएं बखूबी निभाई हैं।
तकनीकी पक्ष
फिल्म का पार्श्व संगीत कहानी के अनुरूप है। छायांकन प्रभावी है और संपादन अधिकांश हिस्सों में कसा हुआ है, हालांकि दूसरे भाग के कुछ दृश्य थोड़े छोटे किए जा सकते थे। फिल्म के संवाद इसकी सबसे बड़ी खूबियों में शामिल हैं, जो कई मौकों पर दर्शकों को खुलकर हंसाते हैं।
फैसला
‘उत्तर दा पुत्तर’ एक साफ-सुथरी पारिवारिक मनोरंजन फिल्म है, जो हंसी के साथ एक सकारात्मक संदेश भी देती है। अंधविश्वास और तर्क के बीच संतुलन का विषय, अन्नू कपूर का दमदार अभिनय और हल्का-फुल्का हास्य इसे पूरे परिवार के साथ देखने लायक बनाते हैं। यदि आप मनोरंजन के साथ सीख देने वाली फिल्में पसंद करते हैं, तो यह इस सप्ताह आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।
