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Saturday, July 4, 2026

कोलकाता की आईटी कंपनी पर ईडी का शिकंजा: विदेशी नागरिकों से ₹20 करोड़ की ठगी

कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता स्थित सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनी ‘वीआरएम बिजनेस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ और उसके निदेशक राजेश गोयनका सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है। जांच एजेंसी ने शनिवार को बताया कि इस कंपनी के परिसर में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित कर विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की गई है।

प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर करते थे धोखाधड़ी

यह पूरा मामला बिधाननगर के इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स थाने में दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू हुआ था।

  • धोखाधड़ी का तरीका: जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश गोयनका के संरक्षण में कॉल सेंटर के कर्मचारी इंटरनेट कॉलिंग (VoIP) के जरिए विदेशी नागरिकों को निशाना बनाते थे। वे खुद को नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि बताते थे।

  • अस्तित्वहीन सेवाएं: विदेशी ग्राहकों को डरा-धमकाकर तकनीकी सहायता, सब्सक्रिप्शन कैंसिलेशन और गिफ्ट वाउचर जैसी गैर-मौजूद (अस्तित्वहीन) सेवाओं के नाम पर भुगतान के लिए मजबूर किया जाता था। इस तरह आरोपियों ने कुल ₹20.35 करोड़ की अवैध कमाई की।

₹13.49 करोड़ की संपत्ति पहले ही हो चुकी है कुर्क

ईडी के अनुसार, इस काली कमाई का इस्तेमाल आभूषण खरीदने, अचल संपत्तियां अर्जित करने और अन्य व्यावसायिक निवेशों में किया गया। इस मामले का मुख्य लाभार्थी निदेशक राजेश गोयनका और उसकी कंपनी ही थी। इससे पहले कार्रवाई करते हुए ईडी ने आरोपियों की ₹2.35 करोड़ मूल्य की चल संपत्ति और बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। इसके साथ ही ₹11.14 करोड़ की अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया जा चुका है।

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