नई दिल्ली। कांग्रेस ने संसद के आगामी मानसून सत्र में विदेश नीति, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, परिसीमन, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ और अयोध्या राममंदिर में कथित दान अनियमितताओं समेत कई मुद्दे उठाने का ऐलान किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण विषयों पर संसद में चर्चा से बच रही है।
चुनाव आयोग और एसआईआर पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने बताया कि 24 राजनीतिक दलों और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर बिहार में एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय इस मामले में उचित हस्तक्षेप करेगा।
परिसीमन, एक राष्ट्र-एक चुनाव और विदेश नीति पर सरकार को घेरा
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य दो-तिहाई बहुमत हासिल कर संविधान में बदलाव करना है। उन्होंने कहा कि सरकार मानसून सत्र में परिसीमन और ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ से जुड़े प्रस्ताव दोबारा ला सकती है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा का उल्लेख किया।
विदेश नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सुरक्षा बलों ने सफलता हासिल की, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर भारत को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे और अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की।
राममंदिर दान की निष्पक्ष जांच की मांग
जयराम रमेश ने अयोध्या राममंदिर में कथित दान अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर एकत्र किए गए चंदे के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि केदारनाथ और बदरीनाथ से जुड़े मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
