भोपाल। ग्वालियर में सेवानिवृत्त महिला स्वास्थ्य कर्मचारी से 1.58 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरैना के पोरसा से दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजा जाता था।
वीडियो कॉल से डराकर ठगे 1.58 करोड़ रुपये
जनकगंज निवासी सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन मीनाक्षी नाखरे को साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए कथित “डिजिटल हाउस अरेस्ट” में रखा। मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर ठगों ने उनसे अलग-अलग बैंकों की एफडी तुड़वाकर 1.58 करोड़ रुपये अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा लिए।
टेलीग्राम के जरिए विदेशी नेटवर्क से था संपर्क
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 4 लाख रुपये मुरैना निवासी राहुल तोमर के बैंक खाते में पहुंचे थे। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता अपने चचेरे भाई रोहित तोमर को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस ने रोहित तोमर को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में रोहित ने स्वीकार किया कि वह टेलीग्राम एप के जरिए एक विदेशी (चाइनीज) नेटवर्क के संपर्क में था। खातों में आने वाली ठगी की रकम को वह बाइनेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर आगे ट्रांसफर करता था।
10 एटीएम कार्ड और अन्य सामान बरामद
साइबर पुलिस ने दोनों आरोपितों के पास से 10 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, 2 मोबाइल फोन और 3 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। इससे पहले इस मामले में महाराष्ट्र के नासिक से एक लोहा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसके बैंक खाते में ठगी की पहली किश्त जमा कराई गई थी।
डीएसपी साइबर मनीष यादव ने बताया कि दोनों आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, तकनीकी पहलुओं और लेयरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही संबंधित खातों को फ्रीज कराने और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।
