सक्ती । छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार को हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की संख्या बढ़कर अब 16 हो गई है। चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अन्य ने रायगढ़ और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ा।
पहचान में आ रही मुश्किलें, 18 मजदूर अब भी घायल
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं। प्रशासन शिनाख्त के लिए DNA टेस्ट और आधार कार्ड की मदद ले रहा है। मृतकों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के मजदूर भी शामिल हैं। फिलहाल 18 घायल मजदूरों का इलाज जारी है, जिनमें से कई की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
मुआवजे और मदद की घोषणा
हादसे के बाद प्रशासन और प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का एलान किया है:
वेदांता प्रबंधन: मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी। घायलों को 15-15 लाख रुपये।
मुख्यमंत्री सहायता: सीएम विष्णु देव साय ने मृतकों के लिए 5 लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMNRF): मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद।
जांच के आदेश और यूनिट बंद
सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में दुर्घटनाग्रस्त यूनिट-1 को पूरी तरह सील कर दिया गया है और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर साक्ष्य जुटा रहे हैं। प्लांट के बाहर परिजनों ने प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा भी किया।

