पटना | बिहार में सरकारी जमीन की हेराफेरी और भू-अभिलेखों (रिकॉर्ड) में गड़बड़ी करने वाले भू-माफियाओं और लापरवाह अधिकारियों पर अब शिकंजा और कसने वाला है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन का बंदरबांट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकारी जमीन गलत तरीके से किसी गैर-व्यक्ति के नाम दर्ज की गई, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर बर्खास्तगी तक की सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही एक नया और बेहद कड़ा कानून लाने जा रही है।
ऑफलाइन काम करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज, लागू होगी जीरो टॉलरेंस नीति
विभागीय मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुपौल, रोहतास और पटना जिले के राजस्व कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। अब जमीन से जुड़े हर कार्य को अनिवार्य रूप से पूरी तरह ऑनलाइन मोड में ही किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी चोर दरवाजे से ऑफलाइन तरीके से काम करते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाए।
ईओयू (EOU) के रडार पर विभाग के पौने दो सौ अधिकारी
राजस्व मंत्री ने अंचल कार्यालयों (अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी कार्यालय) में सक्रिय दलालों पर भी नकेल कसने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि विभाग में भ्रष्टाचार पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का एक विशेष सेल बनाया गया है। इस समय विभाग के करीब पौने दो सौ (175) अधिकारी ईओयू की सीधी निगरानी में हैं। उन्होंने कहा कि तंत्र में मंत्री से लेकर नीचे तक हर स्तर पर ईमानदारी जरूरी है, तभी भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
पटना जिले को 15 दिनों का अल्टीमेटम, टॉप-10 में आने का लक्ष्य
समीक्षा बैठक के दौरान ‘परिमार्जन प्लस’, ‘ई-मापी’, ‘अभियान बसेरा’ और ‘ऑनलाइन म्यूटेशन’ जैसे महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े मामलों के लंबित रहने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे राज्य की रैंकिंग में टॉप-10 में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ काम करें। विशेष रूप से राजधानी पटना जिले की खराब रैंकिंग में सुधार के लिए उन्होंने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर जमीन पर स्पष्ट प्रगति दिखाने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
इस महत्वपूर्ण डिजिटल बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DM), अपर समाहर्ता (ADM) और अंचलाधिकारी (CO) मुख्य रूप से मौजूद रहे।
