नई दिल्ली । होर्मुज स्ट्रेट में जारी अमेरिका की नाकेबंदी के बीच भारतीय एलपीजी टैंकर जग विक्रम भारत पहुंचने में सफल रहा। 20,400 मेट्रिक टन एलपीजी लेकर यह टैंकर आज गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए अस्थाई सीजफायर का ऐलान होने के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट पार करने वाला यह पहला भारतीय जहाज है।
एलपीजी टैंकर जग विक्रम 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में सफल हुआ था। मार्च की शुरुआत के बाद से अभी तक होर्मुज के पश्चिमी हिस्से से होकर निकलने वाला यह भारत का नौवां जहाज है। पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के पहले होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 28 भारतीय जहाज मौजूद थे इनमें से 24 जहाज इसके पश्चिमी हिस्से में थे, जबकि चार जहाज पूर्वी हिस्से में फंसे हुए थे।
ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह का अस्थाई सीजफायर शुरू होने के पहले होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से से भारत के आठ जहाज सफलतापूर्वक निकल गए थे। इसी तरह पूर्वी हिस्से से भी दो भारतीय जहाज सुरक्षित निकालने में सफल रहे थे। अब एलपीजी टैंकर जग विक्रम भी होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में हिस्से से निकालकर सुरक्षित भारत पहुंच गया है। हालांकि अभी भी कई भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे हुए हैं। इसी तरह बड़ी संख्या में विदेशी जहाज भी फारस की खाड़ी में अटके हुए हैं और होर्मुज स्ट्रेट के पहले की तरह खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों की अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत क्रूड ऑयल अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात करता है। इसी तरह देश की जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत नेचुरल गैस और लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी भी आयात किया जाता है। खाड़ी देशों से आने वाले क्रूड ऑयल और गैस की ज्यादातर सप्लाई खाड़ी देशों से हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से ही होती है, लेकिन पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से यह रास्ता लगभग ठप पड़ गया है। इसकी वजह से भारत में एलपीजी की सप्लाई भी काफी हद तक प्रभावित हुई है।

