31 C
Kolkata
Monday, June 22, 2026

भागलपुर में नए प्रशासनिक युग की शुरुआत: IAS अलंकृता पांडेय ने संभाला जिलाधिकारी का पदभार

निवर्तमान डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी से लिया चार्ज; जहानाबाद के बाद अब सिल्क सिटी की कमान

भागलपुर: वर्ष 2016 बैच की तेजतर्रार आईएएस (IAS) अधिकारी अलंकृता पांडेय ने सोमवार को भागलपुर के नए जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। समाहरणालय में आयोजित एक सादे समारोह के दौरान निवर्तमान डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने उन्हें कमान सौंपी और नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिहार सरकार द्वारा हाल ही में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के बाद भागलपुर जैसे ऐतिहासिक और बड़े जिले में उनकी तैनाती को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले अलंकृता पांडेय जहानाबाद जिले में जिलाधिकारी के रूप में अपनी बेहतरीन और जन-केंद्रित सेवाएं दे रही थीं।

ऑल इंडिया 85वीं रैंक होल्डर: कानपुर से सिविल सर्विसेज तक का सफर

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली अलंकृता पांडेय बचपन से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विस परीक्षा में अपने शानदार प्रदर्शन के बदौलत ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद साल 2016 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनीं।

दिलचस्प है कैडर बदलने की कहानी

अलंकृता पांडेय के कैडर ट्रांसफर का किस्सा भी काफी दिलचस्प है:

  • प्रारंभिक कैडर: यूपीएससी पास करने के बाद उन्हें शुरुआत में पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित किया गया था।

  • बिहार आगमन: उनका विवाह बिहार कैडर के ही आईएएस अधिकारी अंशुल अग्रवाल से हुआ। शादी के बाद नियमानुसार उनका इंटर-कैडर ट्रांसफर (Inter-Cadre Transfer) हुआ और वे पश्चिम बंगाल से बिहार कैडर में आ गईं। तब से वे बिहार के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी कार्यकुशलता साबित कर रही हैं।

सिल्क सिटी में नए डीएम के सामने होंगी ये मुख्य चुनौतियां

प्रशासनिक दक्षता और आम जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाली अलंकृता पांडेय से भागलपुर के प्रबुद्ध जनों और स्थानीय नागरिकों को काफी उम्मीदें हैं। नए जिलाधिकारी के रूप में उनके समक्ष कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी:

  1. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: भागलपुर स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों को रफ्तार देना और समय पर पूरा कराना।

  2. कानून व्यवस्था: जिले में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना और अपराध नियंत्रण।

  3. बुनियादी ढांचा व आपदा प्रबंधन: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य-शिक्षा का सुदृढ़ीकरण और आगामी मॉनसून को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम करना।

Related Articles

नवीनतम लेख