रांची। जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे बड़ी संख्या में छात्रों ने स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च निकाला। हाथों में बैनर-पोस्टर और जुबां पर मांगों से जुड़े नारे लिए विद्यार्थियों ने सरकार से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की आवाज बुलंद की। छात्रों ने साफ कर दिया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णायक कार्रवाई नहीं होती।
पैदल मार्च के दौरान छात्रों में खासा उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। विद्यार्थियों ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार के साथ बातचीत और आश्वासन के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक ठोस फैसला नहीं होने के कारण आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
‘अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं की आवाज सुननी होगी’
मार्च में शामिल छात्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं की आवाज और उनके अधिकारों को सामने रखने का अवसर है। विद्यार्थियों ने सरकार से उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। छात्रों के हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित बैनर और पोस्टर थे और वे लगातार सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की अपील करते रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता सीधे युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है। ऐसे में जांच की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिस पर सभी अभ्यर्थियों को भरोसा हो सके।
सीबीआई जांच से कम कुछ मंजूर नहीं
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े जीवन कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग स्पष्ट है और जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है।
जीवन कुमार ने स्पष्ट किया कि छात्रों की ओर से सीबीआई जांच की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच के अलावा किसी अन्य जांच को आंदोलनकारी छात्र स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि छात्र किसी राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं छात्र
पैदल मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए कहा कि आंदोलन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश के बावजूद वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाले गए मार्च के जरिए छात्रों ने एक बार फिर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया।
अब आंदोलन के 20वें दिन निकाले गए इस पैदल मार्च के बाद सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है और सीबीआई जांच को लेकर क्या रुख सामने आता है, इस पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ-साथ अभ्यर्थियों की भी नजर है।
