रामगढ़ । प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रामगढ़ जिला राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पोषण पोटली वितरण में रामगढ़ ने पूरे झारखंड में पहला स्थान हासिल किया है। शुक्रवार को उपायुक्त ऋतुराज ने बताया कि जिले में जनभागीदारी और निक्षय मित्रों के सहयोग से अभियान को लगातार मजबूती मिल रही है।
173 निक्षय मित्र जुड़े, 98 प्रतिशत उपचार सफलता
उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक 173 निक्षय मित्र अभियान से जुड़ चुके हैं। इनके सहयोग से टीबी मरीजों को नियमित उपचार और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए निक्षय मित्रों के लिए विशेष बैंक खाता भी खोला गया है, जिसमें पदाधिकारी, कर्मचारी, औद्योगिक प्रतिष्ठान, निजी संस्थान और समाजसेवी सहयोग राशि जमा कर अभियान से जुड़ सकते हैं।
राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में अब तक 13,195 संभावित मरीजों की आधुनिक मशीनों से जांच की गई। जांच में 500 टीबी मरीज और 16 बहु-औषधि प्रतिरोधी (एमडीआर) टीबी मरीजों की पहचान हुई। जिले में टीबी उपचार की सफलता दर 98 प्रतिशत दर्ज की गई है।
82 के लक्ष्य के मुकाबले लगे 148 शिविर
उपायुक्त ने बताया कि जिले के 82 उच्च जोखिम वाले गांवों में शिविर लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 148 शिविर आयोजित कर लक्ष्य से कहीं अधिक उपलब्धि हासिल की गई। इन शिविरों में 6,710 लोगों का एक्स-रे और 2,960 लोगों के बलगम के नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान 14 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार तत्काल शुरू कराया गया।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच, बेहतर उपचार और जनजागरूकता के माध्यम से जिले को जल्द टीबी मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
