रांची । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य वी. भागय्या ने कहा कि समाज में संगठन, समरसता और राष्ट्रभाव जागृत करना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से केवल करियर तक सीमित न रहकर राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया।
शुक्रवार को रांची महानगर (विक्रमादित्य नगर) की ओर से सरला बिरला विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश की एकता और अखंडता के सामने कई वैचारिक चुनौतियां हैं। ऐसे में युवाओं को सजग, जागरूक और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित होकर कार्य करना चाहिए।
संघ की विचारधारा और हेडगेवार के जीवन पर डाला प्रकाश
वी. भागय्या ने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चल रहे जनसंपर्क अभियान और संघ की मूल विचारधारा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना और अपना पूरा जीवन स्वतंत्रता आंदोलन तथा राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार का मानना था कि राष्ट्रीय अस्मिता का कमजोर होना, समाज का असंगठित रहना और आंतरिक विषमताएं भारत की सबसे बड़ी कमजोरियां थीं। इन्हें दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई।
विविधता हमारी ताकत, राष्ट्रीय एकता सबसे बड़ी पहचान
वी. भागय्या ने कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक, खान-पान और वेशभूषा की विविधता उसकी समृद्धि का प्रतीक है, लेकिन सबसे बड़ी पहचान यह है कि सभी भारत माता की संतान हैं। उन्होंने कहा कि जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समाज को बांटने के प्रयासों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने शहीद भगत सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सपना केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि ऐसा भारत था जहां हर नागरिक को समान सम्मान, श्रमिकों को प्रतिष्ठा और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिले तथा किसी भी प्रकार का शोषण न हो।
कार्यक्रम में टाटीसिलवे और आसपास के क्षेत्रों से एक हजार से अधिक युवा, विद्यार्थी, प्राध्यापक, अधिवक्ता, चिकित्सक, वैज्ञानिक, उद्यमी और व्यवसायी शामिल हुए। इस अवसर पर संघचालक शंकर साहू, सह संघचालक ब्रजेश सहित संघ के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
