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Saturday, July 11, 2026

झारखंड को निवेश का नया केंद्र बनाने पर मंथन, उद्योग और रोजगार पर सरकार का फोकस

नई दिल्ली। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर उच्चस्तरीय मंथन हुआ। “औद्योगिक संवर्धन एवं निवेश” विषय पर आयोजित सत्र में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और विकास साझेदारों ने झारखंड को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अपने सुझाव दिए।

निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर

सत्र की अध्यक्षता उद्योग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय प्रसाद यादव ने की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। झारखंड प्रगतिशील नीतियों, कुशल मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे के माध्यम से औद्योगिक विकास को नई गति देना चाहता है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी परिस्थितियां तैयार करना है, जिससे राज्य के युवाओं को रोजगार और आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। पर्यटन और उद्योग दोनों क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और औद्योगिक ढांचे पर चर्चा

परिचर्चा में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने, निजी निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक अवसंरचना का विस्तार करने, क्षेत्र-विशिष्ट निवेश को बढ़ावा देने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अलावा सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करने, सतत औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने तथा राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का बेहतर उपयोग कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने खनन, विनिर्माण, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में झारखंड की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए नीति की स्थिरता, नवाचार, तकनीक के उपयोग और परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन पर बल दिया।

संजय प्रसाद यादव ने कहा कि “उद्योग को राज्य की आवश्यकता है और राज्य को उद्योग की। सरकार और उद्योग जगत की मजबूत साझेदारी से ही निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।”

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने साझा किए सुझाव

सत्र का संचालन उद्योग, खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने किया। पैनल चर्चा में जिंदल समूह के उपाध्यक्ष वी.के. शर्मा, रूंगटा समूह के अध्यक्ष सिद्धार्थ रूंगटा, इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक निवृति राय, टाटा स्टील के उपाध्यक्ष सुंदर रमन और वरुण बेवरेजेज लिमिटेड की प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) देवयानी खंखोजे ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, सुदिव्य कुमार, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी मौजूद रहीं।

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