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Saturday, July 11, 2026

मतदाता सूची पुनरीक्षण: डिजिटाइजेशन धीमा हो तो विशेष शिविर लगाएं : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत इन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य धीमा है, वहां विशेष शिविर लगाकर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र मतदाता फॉर्म सही जानकारी के साथ भरकर जल्द से जल्द बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को उपलब्ध कराएं, ताकि पुनरीक्षण कार्य समय पर पूरा हो सके।

समय सीमा में पूरा हो पुनरीक्षण कार्य

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, उप निर्वाचन पदाधिकारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और बीएलओ सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म केवल पात्र भारतीय नागरिक ही भरें। किसी विदेशी नागरिक या अपात्र व्यक्ति द्वारा गलत जानकारी देना अथवा बिना हस्ताक्षर के फॉर्म जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।

14 जुलाई को होगी चुनाव पाठशाला

के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि 14 जुलाई को सभी जिलों में बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक आयोजित कर एएसडीडी सूची का सत्यापन किया जाए। इसी दिन राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव पाठशाला का आयोजन भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा, जहां एएसडीडी सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाएगी और मतदाताओं की शंकाओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया है। इसमें राजनीतिक दलों और आम नागरिकों को भी नियमित रूप से जानकारी दी जानी चाहिए।

फॉर्म भरने में मिलेगी बीएलओ की सहायता

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यदि किसी मतदाता को फॉर्म भरने में कठिनाई होती है तो वह अपने क्षेत्र के बीएलओ या स्वयंसेवकों से सहायता ले सकता है। इसके अलावा कार्यालय की ओर से तैयार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वीडियो ट्यूटोरियल भी विभिन्न सामाजिक माध्यमों पर उपलब्ध हैं।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि फॉर्म में केवल वर्तमान और सही जानकारी ही दर्ज करें। यदि किसी अन्य दस्तावेज में त्रुटि है तो उसे आधार बनाकर मतदाता पहचान पत्र में गलत जानकारी न दोहराई जाए।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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