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Saturday, July 11, 2026

झारखंड में ₹99,639 करोड़ निवेश का रास्ता साफ, 14 समझौतों पर हस्ताक्षर

रांची। झारखंड सरकार ने उद्योग, प्रौद्योगिकी, डिजिटल सुशासन और पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 14 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कन्सल्टेशन-2026 के समापन अवसर पर हुए इन समझौतों के माध्यम से राज्य में लगभग 99,639 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

स्टील और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश

उद्योग क्षेत्र में सबसे बड़े निवेश प्रस्ताव जिंदल स्टील लिमिटेड और जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड से आए हैं। जिंदल स्टील ने 40,000 करोड़ रुपये और जिंदल न्यूक्लियर पावर ने 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से औद्योगिक विकास के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

डिजिटल सुशासन और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

डिजिटल परिवर्तन और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए गूगल क्लाउड और वाधवानी ग्रुप के साथ समझौते किए गए हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण, डिजिटल अवसंरचना का विस्तार और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा।

पर्यटन क्षेत्र में टाटा मोटर्स के साथ माइनिंग टूरिज्म विकसित करने तथा ईजमाईट्रिप प्लानर्स के साथ पर्यटन प्रचार-प्रसार और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की गई है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए समझौते

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में इन सभी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, सुदिव्य कुमार और इरफान अंसारी के साथ मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। संबंधित विभागों के अधिकारियों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

सरकार का कहना है कि इन निवेश समझौतों से झारखंड में उद्योग, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यटन और सुशासन को नई गति मिलेगी। साथ ही राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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