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Saturday, July 11, 2026

झारखंड का एआई रोडमैप: 10 हजार करोड़ निवेश, 1 लाख रोजगार का लक्ष्य

नई दिल्ली। झारखंड सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सुशासन और डिजिटल नवाचार के जरिए राज्य को देश का अग्रणी एआई राज्य बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया है। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में सरकार ने विजन-2050 के तहत डिजिटल परिवर्तन, निवेश, नवाचार और कौशल विकास की विस्तृत रूपरेखा साझा की।

एआई नीति से बदलेगा शासन का स्वरूप

सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी पेश की। इसके तहत शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सुशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम-डीआईपी) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह एआई आधारित प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की रियल-टाइम निगरानी करेगी। इसके अलावा बहुभाषी डिजिटल मंच, व्हाट्सऐप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी बनाई गई है।

1150 करोड़ का निवेश, आईटी पार्क और एआई स्टार्टअप्स पर जोर

परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों—मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (सीएम-डीआईपी), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (एचएनवीएस) और क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (सीएमएएस)—पर विशेष जोर दिया गया।

राज्य सरकार ने स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा समेकित स्टार्टअप और कौशल विकास तंत्र विकसित करने की भी घोषणा की है।

इन योजनाओं को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में 1,150 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि एआई अवसंरचना, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार और विभिन्न विभागों में एआई के उपयोग को बढ़ाने पर खर्च की जाएगी।

रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विजन-2050 के तहत सरकार का लक्ष्य 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप को बढ़ावा देना और एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार सृजित करना है।

सरकार ने एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों और युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया है। साथ ही प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों, स्टार्टअप और उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी कर एआई आधारित सुशासन और डिजिटल अवसंरचना के विकास में सहयोग का आह्वान किया गया।

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