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Thursday, July 9, 2026

कम बारिश से प्रभावित 15 और जिलों की पहचान, एल नीनो से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को कृषि भवन में खरीफ फसलों की बुवाई, मानसून की स्थिति, एल नीनो के संभावित प्रभाव, वर्षा की कमी, उर्वरकों की उपलब्धता और खाद्यान्न भंडारण की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ फसलों की बुवाई फिलहाल धीमी गति से चल रही है, लेकिन अगले तीन दिनों में गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में बारिश की संभावना है। इससे बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, नवीनतम जलवायु पूर्वानुमानों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पर एल नीनो का प्रभाव बने रहने की आशंका है।

15 अतिरिक्त प्रभावित जिलों पर विशेष नजर

कृषि मंत्रालय ने बताया कि देशभर में 262 संवेदनशील जिलों की पहचान कर वर्षा की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा कम बारिश से प्रभावित 15 अतिरिक्त जिलों की भी पहचान की गई है, जहां विशेष निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार की गई आपातकालीन योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

बीज और उर्वरक पर्याप्त, जल भंडारण पर चिंता

मंत्रालय ने बताया कि राज्यों के साथ जिला स्तर पर आपातकालीन उपायों की समीक्षा के लिए बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि कुछ राज्यों के साथ बैठकें जल्द आयोजित की जाएंगी। कृषि विज्ञान केंद्रों को भी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय बीज निगम के भंडार की नियमित निगरानी की जा रही है और खरीफ फसलों के लिए बीजों की पर्याप्त उपलब्धता है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम है, हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में भूजल की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। समीक्षा के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और साप्ताहिक मंडी भाव पर भी चर्चा की गई।

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