रांची, 24 जून । राजधानी रांची के प्रतिष्ठित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में मेडिकल सीट आवंटन (Seat Allotment) और टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी (CID) ने अपनी जांच तेज कर दी है। बुधवार को सीआईडी की एक उच्चस्तरीय टीम जांच के लिए रिम्स परिसर पहुंची और संबंधित विभागों में दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की।
डीन कार्यालय में कागजातों की खंगाल
मिली जानकारी के अनुसार, सीआईडी की टीम ने रिम्स के डीन कार्यालय (Dean Office) सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों का रुख किया। टीम के अधिकारियों ने पिछले शैक्षणिक सत्र के नामांकन से जुड़ी फाइलें, मेरिट लिस्ट और टेंडर से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
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नामांकन में गड़बड़ी के आरोप: पिछले शैक्षणिक सत्र (सत्र 2025) में रिम्स में हुए कुछ मेडिकल एडमिशंस को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। आरोप है कि तय नियमों और गाइडलाइंस को ताक पर रखकर कथित रूप से अयोग्य छात्रों को सीटें आवंटित की गईं।
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टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता: सीट आवंटन के साथ-साथ रिम्स के कुछ आंतरिक टेंडरों में भी वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं।
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सरकार के निर्देश पर कार्रवाई: शुरुआती जांच में आरोपों को गंभीर पाते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर इस पूरे मामले का जिम्मा सीआईडी को सौंपा गया, जिसके बाद बुधवार को यह बड़ी दबिश दी गई।
सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि इस पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
