31.7 C
Kolkata
Tuesday, June 23, 2026

माध्यमिक आचार्य नियुक्ति: जेएसएससी की तकनीकी विफलता पर हाई कोर्ट सख्त, मांगा विस्तृत जवाब

रांची| झारखंड में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या-02/2025) को लेकर विवाद गहरा गया है। झारखंड उच्च न्यायालय ने परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और गंभीर तकनीकी खामियों को लेकर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जवाब तलब किया है। इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी को कड़ा निर्देश दिया है कि वह पूरे मामले से संबंधित स्पष्ट निर्देश और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर अगली निर्धारित तिथि पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखे। हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तारीख मुकर्रर की है।

क्या है पूरा मामला? पोर्टल की गड़बड़ी से बाहर हुए अभ्यर्थी

यह याचिका उन अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई है जिन्होंने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई थी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा संपन्न होने के बाद जब उन्होंने आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करने का प्रयास किया, तो वे अपनी उत्तर कुंजी (Answer Key) और रिस्पॉन्स शीट (Response Sheet) नहीं देख पाए।

  • “User Does Not Exist” की समस्या: लॉगिन करने के दौरान जेएसएससी के पोर्टल पर लगातार ‘यूजर डज नॉट एग्जिस्ट’ का एरर (Error) संदेश प्रदर्शित हो रहा था, जिससे अभ्यर्थी अपने परीक्षा विवरण तक पहुंच ही नहीं सके।

  • आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार छीना: याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि इस तकनीकी विफलता के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर कुंजी पर अपनी वैध आपत्ति (Objections) दर्ज कराने के वैधानिक अधिकार से पूरी तरह वंचित रह गए।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से भी किए गए बाहर; चयन प्रक्रिया पर सीधा असर

अदालत के समक्ष यह भी दलील दी गई कि इस तकनीकी गड़बड़ी का सीधा और नकारात्मक असर अभ्यर्थियों के करियर पर पड़ा है।

हाई कोर्ट ने आयोग से पूछे तीखे सवाल

माननीय अदालत ने अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए जेएसएससी से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायालय मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जवाब चाहता है:

  1. आखिर किन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को उनकी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट देखने में बाधा आई?

  2. आयोग की इस तकनीकी चूक के कारण जिन अभ्यर्थियों का नुकसान हुआ है, उनके हितों की रक्षा और न्याय के लिए जेएसएससी ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?

Related Articles

नवीनतम लेख