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Monday, June 22, 2026

रांची: संत जेवियर्स स्कूल में डालसा और सीआईडी का नशा उन्मूलन अभियान, बच्चों को दिलाई गई शपथ

‘नालसा योजना 2025’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम; ‘मानस’ हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह झालसा (JHALSA) के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर सोमवार को रांची के डोरंडा स्थित संत जेवियर्स स्कूल में नशा उन्मूलन को लेकर एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA) द्वारा सीआईडी (CID) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका तय करना था।

कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, ‘लाइफ सेवर्स’ एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के शारिक उमर, सीआईडी के नवीन कुमार व रिजवान अंसारी सहित विधि (Law) की छात्राएं और स्कूल के शिक्षक-विद्यार्थी मौजूद थे।

नालसा योजना 2025: पीड़ितों को मुख्यधारा में वापस लाने की पहल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने ‘नालसा (डॉन) योजना 2025’ पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया:

  • यह राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई एक देशव्यापी विधिक पहल है।

  • इसका मूल उद्देश्य कानूनी सहायता, जन-जागरूकता और पुनर्वास (Rehabilitation) के जरिए देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है।

  • इसके तहत नशीली दवाओं के शिकार हो चुके लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का काम किया जाता है।

युवाओं को दिलाई गई शपथ, ‘मानस’ हेल्पलाइन से मिलेगी मदद

‘लाइफ सेवर्स’ एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों के खतरों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि वे खुद भी इसके जाल से बचें और अपने दोस्तों व परिवार को भी सुरक्षित रखें। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और अतिथियों को जीवन में कभी नशा न करने की शपथ दिलाई

वहीं, एनसीबी (NCB) के शारिक उमर ने राज्य में ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले महीने ही आम जनता के लिए एक विशेष टोल-फ्री हेल्पलाइन ‘मानस’ (MANAS – 1933) की शुरुआत की है।

  • हेल्पलाइन नंबर: 1933

  • उपयोग: कोई भी नागरिक मादक द्रव्यों की तस्करी, बिक्री या सेवन से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी इस गोपनीय नंबर पर दे सकता है।

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