लेबर पार्टी के भीतर बढ़ा असंतोष, 100 से अधिक सांसदों ने की पद छोड़ने की मांग
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस्तीफे की अटकलें लगातार तेज होती जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबर पार्टी के भीतर गहराते असंतोष और नेतृत्व पर उठते गंभीर सवालों के बीच स्टारमर अपने राजनीतिक भविष्य पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि लेबर पार्टी के 100 से अधिक सांसद सार्वजनिक रूप से स्टारमर से पद छोड़ने या फिर अपने इस्तीफे की समय-सीमा (टाइमलाइन) घोषित करने की मांग कर चुके हैं। कैबिनेट मंत्रियों, पार्टी सलाहकारों और ट्रेड यूनियन नेताओं के साथ दौर की बैठकों के बाद यह माना जा रहा है कि स्टारमर के लिए अब इस सर्वोच्च पद पर बने रहना राजनीतिक रूप से काफी कठिन होता जा रहा है।
एंडी बर्नहम की उपचुनाव में जीत के बाद बढ़ा संकट, वेस स्ट्रीटिंग भी नेतृत्व की दौड़ में
प्रधानमंत्री स्टारमर के नेतृत्व पर संकट उस समय और गहरा गया जब प्रभावशाली लेबर नेता एंडी बर्नहम ने हाल ही में एक संसदीय उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर संसद में प्रवेश किया। बर्नहम को लंबे समय से स्टारमर के सबसे मजबूत और संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। अपनी जीत के बाद बर्नहम ने देश को एक “नई दिशा” देने का वादा किया है, जिससे उनके इरादे साफ नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि स्थिति की मांग हुई, तो वे भी पार्टी नेतृत्व की इस दौड़ में शामिल होने से पीछे नहीं हटेंगे।
आर्थिक चुनौतियों और नीतिगत विफलताओं से घिरी सरकार, डोनाल्ड ट्रंप के दावे से मची खलबली
साल 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाने वाले कीर स्टारमर हाल के महीनों में देश में बढ़ती महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली और अवैध प्रवासन (इलीगल माइग्रेशन) जैसे मुद्दों को लेकर जनता और विपक्ष के कड़े विरोध का सामना कर रहे हैं। हालांकि, सरकार का पक्ष है कि प्रधानमंत्री फिलहाल देश के शासन और नीतिगत कार्यों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित किए हुए हैं और उन्होंने पार्टी से आंतरिक संघर्ष छोड़कर एकजुट रहने की अपील की है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर दावा किया है कि स्टारमर जल्द ही पद छोड़ सकते हैं, जिसका ब्रिटिश सरकार ने खंडन किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्टारमर की विदाई होती है, तो ब्रिटेन पिछले एक दशक में अपने सातवें प्रधानमंत्री का स्वागत करेगा, जो देश की राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ा सवालिया निशान है।
