रांची/गोड्डा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य परिषद सदस्य और गोड्डा जिले में मजदूरों व किसानों की बुलंद आवाज रहे कॉमरेड रामस्वरूप पासवान का शुक्रवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। गोड्डा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बीमारी के बावजूद वे अंतिम समय तक पार्टी के कार्यक्रमों और जन-संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
पार्टी कार्यालय में झुकाया गया लाल झंडा
कॉमरेड पासवान के निधन की खबर से वामपंथी गलियारे और मजदूर संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई है। भाकपा झारखंड राज्य परिषद ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनके सम्मान और पार्टी के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए पार्टी कार्यालय में लाल झंडे को झुका दिया गया।
प्रमुख बातें और उनका योगदान:
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कैंसर से संघर्ष: कॉमरेड रामस्वरूप पासवान लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे, लेकिन उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ और वे लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे।
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मजदूरों-किसानों के मसीहा: उन्हें संथाल परगना क्षेत्र में शोषितों, मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई लड़ने वाला एक समर्पित योद्धा माना जाता था।
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पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति: भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक और रांची जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने संयुक्त शोक संदेश जारी कर कहा कि कॉमरेड पासवान का जाना संथाल परगना और पूरे राज्य में पार्टी के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
