39.3 C
Kolkata
Friday, June 19, 2026

सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान और गौरवान्वित महसूस कराती है: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है।

एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित

प्रधानमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया:

“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम् ।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”

इस सुभाषित का अर्थ है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।

व्यक्ति में होता है नई ऊर्जा का संचार

प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां एक ओर व्यक्ति का आत्मविश्वास मजबूत होता है, वहीं दूसरी ओर जीवन में एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।

Related Articles

नवीनतम लेख