वाशिंगटन । अमेरिका के कैलिफोर्निया में सोमवार को वायुसेना का एक बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर (B-52 Stratofortress Bomber) उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गया। एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से रूटीन टेस्ट मिशन पर निकले इस विमान में दुर्घटना के बाद भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हवाई हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय समयानुसार यह दुर्घटना सुबह लगभग 11:20 बजे हुई।
‘कोई भी जीवित नहीं बचा, यह एक भयानक त्रासदी’
एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर मौजूद 412वें टेस्ट विंग के डिप्टी कमांडर कर्नल जेम्स हेस ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने फुटेज की समीक्षा के आधार पर बताया कि क्रैश इतना भीषण था कि विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने इसे एक ‘भयानक त्रासदी’ बताते हुए कहा, “हमने आठ बेहतरीन अमेरिकियों को खो दिया। क्रू में वर्दीधारी सैनिक, सरकारी कर्मचारी और सरकारी कॉन्ट्रैक्टर शामिल थे।” मृतकों के नामों की घोषणा परिजनों को सूचना दिए जाने के 24 घंटे बाद की जाएगी।
मृतकों में बोइंग कंपनी के दो कर्मचारी भी शामिल
विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing) ने सोमवार शाम एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि इस हादसे में मारे गए लोगों में से दो उनकी कंपनी के कर्मचारी थे। बोइंग ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद देने की बात कही है। फिलहाल बेस पर राहत और बचाव कार्य से जुड़ी टीमें तैनात हैं और सभी कर्मियों की स्थिति का सटीक पता लगाया जा रहा है।
एयरफील्ड बंद, जांच में लग सकते हैं कई महीने
डिप्टी कमांडर कर्नल जेम्स हेस के मुताबिक, एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर नए और विकास के दौर से गुजर रहे सैन्य विमानों की टेस्ट फ्लाइट की जाती है। हादसे के बाद एयरफील्ड को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और आने वाली सभी उड़ानों को डायवर्ट (रास्ता बदलना) किया जा रहा है। मंगलवार को होने वाले सभी ऑपरेशन्स पर रोक लगा दी गई है। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें कई महीनों का समय लग सकता है।
अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ है बी-52 बॉम्बर
बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस एक बेहद शक्तिशाली और लंबी दूरी का भारी बमवर्षक (Heavy Bomber) विमान है। 1950 के दशक से ही यह अमेरिकी सेना की हवाई ताकत का एक मुख्य आधार रहा है। यह विमान पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ परमाणु मिसाइलें भी ले जाने में सक्षम है। अमेरिकी सेना ने वियतनाम युद्ध से लेकर इराक युद्ध तक के बड़े सैन्य संघर्षों में इस खतरनाक बॉम्बर का इस्तेमाल किया है।
