सीवान । समस्तीपुर जा रही विशेष ट्रेन संख्या 04731 में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीवान रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तत्परता दिखाई और ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ के तहत मां और नवजात बच्ची को सुरक्षित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। आरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से समय पर जच्चा-बच्चा को नया जीवन मिल सका।
जनरल बोगी में हुआ बच्ची का जन्म
मिली जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के धलमतपुर गांव के रहने वाले संजीत साहनी अपनी पुत्री विद्या कुमारी के साथ सिरसा से समस्तीपुर जा रहे थे। सफर के दौरान ही ट्रेन के जनरल कोच में विद्या कुमारी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इसी बीच जब ट्रेन सीवान रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी, तब आरपीएफ टीम को मामले की सूचना मिली।
आरपीएफ जवानों ने दिखाई मुस्तैदी, भेजा अस्पताल
सूचना मिलते ही स्टेशन पर तैनात पाली प्रभारी सुरेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल धर्म प्रकाश मिश्रा और कांस्टेबल विनोद कुमार वर्मा तुरंत बोगी के पास पहुंचे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित ट्रेन से नीचे उतारा और स्टेशन पर ही जरूरी प्राथमिक चिकित्सा सहायता दी। इसके तुरंत बाद रेलवे परिसर में एंबुलेंस बुलाई गई और मां व नवजात बच्ची को बेहतर इलाज और देखभाल के लिए सदर अस्पताल, सीवान भेजा गया।
परिजनों ने बताया कि यात्रा के दौरान ही महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया है। फिलहाल मां और बच्ची दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
क्या है ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’?
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ का मुख्य उद्देश्य सफर के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा व आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद सुनिश्चित करना है। सीवान स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की सूझबूझ और मुस्तैदी ने एक बार फिर इस मानवीय अभियान की उपयोगिता को साबित किया है।
