कोलकाता । पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित प्राथमिक स्कूल भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में राज्य सीआईडी (CID) द्वारा की गई लंबी पूछताछ के ठीक अगले ही दिन अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उनके खिलाफ शिकंजा कस दिया है।
सोमवार को कथित ‘नौकरी के बदले कैश’ मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी के समन पर अभिषेक बनर्जी सुबह करीब 11 बजे कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) पहुंचे। ईडी कार्यालय में प्रवेश के दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों पर कोई भी टिप्पणी करने से पूरी तरह परहेज किया।
पूछताछ का मुख्य फोकस: मनी ट्रेल और वित्तीय विसंगतियां
ईडी के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से पूछताछ के लिए दो दर्जन से अधिक तीखे सवालों की एक विस्तृत सूची पहले से तैयार कर रखी थी। इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है।
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काले धन का प्रबंधन: जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इस घोटाले में हुए वित्तीय लेन-देन (Money Trail) की कड़ियों को जोड़ना है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि अपराध से अर्जित काले धन का प्रबंधन किसने किया और इसे किन-किन बैंक खातों व शेल कंपनियों (मुखौटा संस्थाओं) के जरिए ट्रांसफर किया गया।
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दस्तावेजों से सामना: केंद्रीय जांचकर्ता अभिषेक बनर्जी का सामना पहले से जब्त किए गए वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और मामले के अन्य आरोपियों के बयानों से करवा रहे हैं।
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विसंगतियां: ईडी अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में दी गई जानकारी और हालिया तलाशियों के दौरान बरामद नए डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्यों के बीच कुछ महत्वपूर्ण विसंगतियां (Discrepancies) पाई गई हैं, जिन पर तृणमूल नेता से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
इस मामले में केंद्रीय एजेंसी पहले भी राज्य के पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा सहित कई अन्य संदिग्धों और बिचौलियों से पूछताछ कर चुकी है।
राहत नहीं: मंगलवार को फिर सीआईडी के सामने होना होगा पेश
अभिषेक बनर्जी के लिए कानूनी चुनौतियों का यह सिलसिला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। ईडी की इस मैराथन पूछताछ के बाद मंगलवार को उन्हें एक बार फिर राज्य सीआईडी के समक्ष पेश होना है।
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भवानी भवन में पेशी: सीआईडी ने उन्हें कोलकाता स्थित अपने मुख्यालय ‘भवानी भवन’ में हाजिर होने के लिए एक नया समन जारी किया है।
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क्या है मामला? यह दूसरा मामला एक एफआईआर से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तृणमूल नेता ने अपनी एक राजनीतिक यात्रा के दौरान कथित रूप से हिंसा भड़काई थी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी थी।
गौरतलब है कि इससे ठीक पहले रविवार को भी सीआईडी ने विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में अभिषेक बनर्जी से करीब साढ़े आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ की थी। बैक-टू-बैक केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के समन ने बंगाल की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है।
