अंताल्या (तुर्किये) । भारतीय तीरंदाजी टीम ने आर्चरी वर्ल्ड कप (स्टेज-3) में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया है। भारत ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दो शानदार स्वर्ण पदक (डबल गोल्ड) अपने नाम किए हैं। भारतीय जोड़ी धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड ने रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में और धीरज ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में विश्व नंबर-1 दक्षिण कोरिया को शिकस्त देकर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की। भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) ने सोमवार को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की आधिकारिक जानकारी साझा की।
रिकर्व मिक्स्ड टीम: दक्षिण कोरिया को 5-1 से रौंदा
रिकर्व मिक्स्ड टीम के बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल फाइनल मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने अपना दबदबा कायम रखा:
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शानदार जीत: धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड की जोड़ी ने फाइनल में तीरंदाजी की महाशक्ति माने जाने वाले दक्षिण कोरिया को 5-1 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
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फाइनल का सफर: इस मुकाम तक पहुंचने के लिए भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट में डेनमार्क, अमेरिका और जर्मनी जैसी मजबूत टीमों को लगातार शिकस्त दी थी।
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ऐतिहासिक महत्व: भारत के लिए यह जीत इसलिए बेहद खास है क्योंकि साल 2021 के बाद पहली बार भारत ने किसी वर्ल्ड कप चरण में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता है।
धीरज बोम्मादेवरा का ‘दामनदार’ दोहरा प्रदर्शन
मिक्स्ड टीम में सोना जीतने के बाद, स्टार तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा का विजयी रथ यहीं नहीं रुका। उन्होंने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भी इतिहास रच दिया:
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व्यक्तिगत स्वर्ण: धीरज ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व के कड़े फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के दिग्गज तीरंदाज ली वू सियोक को 7-3 से हराकर दिन का दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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बनाया रिकॉर्ड: इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही धीरज 2021 के बाद से वर्ल्ड कप स्तर पर पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बन गए हैं।
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दोनों वर्गों (टीम और व्यक्तिगत) में स्वर्ण जीतकर धीरज ने वैश्विक मंच पर अपनी विश्वस्तरीय खेल क्षमता का लोहा मनवाया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और सराहना
इस ऐतिहासिक दोहरी सफलता पर भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) के शीर्ष नेतृत्व ने खिलाड़ियों की जमकर सराहना की है:
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अर्जुन मुंडा (अध्यक्ष, भारतीय तीरंदाजी संघ): उन्होंने पूरी टीम और विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह अद्वितीय उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी के लगातार बढ़ते स्तर और हमारे खिलाड़ियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत का जीवंत परिणाम है।
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वीरेंद्र सचदेवा (मानद महासचिव): उन्होंने कहा कि संघ द्वारा अपनाई गई पारदर्शी चयन प्रक्रिया और विश्वस्तरीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों (National Training Camps) का सकारात्मक असर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर साफ दिखाई देने लगा है।
गौरतलब है कि आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 का भव्य आयोजन 9 से 14 जून तक तुर्किये के अंताल्या शहर में किया गया था, जहां भारत ने स्वर्णिम इतिहास लिखा।
