वॉशिंगटन/तेहरान, 15 जून। तीन महीने से अधिक समय से मध्य पूर्व में चल रहे भीषण तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक पोस्ट के जरिए एलान किया है कि अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने और शांति स्थापित करने का समझौता (डील) अब पूरी तरह से संपन्न हो चुका है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बड़ी कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को बहाल करने के लिए ‘होर्मुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने का आदेश जारी किया है।
ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर किया गया आधिकारिक पोस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम (भारतीय समयानुसार सोमवार) ट्रुथ सोशल पर लिखा:
“इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई! मैं होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने की पूरी मंज़ूरी देता हूँ और साथ ही, अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूँ। दुनिया भर के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!”
समझौते की मुख्य बातें और मध्यस्थों की भूमिका
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस शांति समझौते को अमलीजामा पहनाने में पाकिस्तान, कतर और सऊदी अरब ने मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और कतर के विदेश मंत्रालय ने इस समझौते का स्वागत किया है।
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युद्धविराम और सैन्य अभियान पर रोक: इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को ‘तुरंत और स्थायी’ रूप से समाप्त करने की घोषणा की है।
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुलना: युद्ध की शुरुआत में ईरान द्वारा ब्लॉक किए गए और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का सामना कर रहे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज़ जलडमरूमध्य’ को आगामी शुक्रवार (19 जून) से अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह ‘टोल-फ्री’ खोल दिया जाएगा। शुरुआती 30 दिनों में ईरान वहां से समुद्री बारूदी सुरंगों (Mines) को हटाएगा।
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परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों की वार्ता: ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम गारीबाबादी ने पुष्टि की है कि इस शुरुआती समझौते के बाद अगले 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने, समृद्ध यूरेनियम को नष्ट/पतला करने और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने जैसे तकनीकी मुद्दों पर व्यापक बातचीत होगी।
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19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर: पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ के अनुसार, इस समझौते (MOU) पर दोनों देश आगामी शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे।
वैश्विक बाजार पर असर और इजरायल का रुख
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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: ट्रंप के इस एलान के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) और कृषि उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दुनिया भर को महंगाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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इजरायल की असहमति: इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से फोन पर बातचीत के दौरान स्पष्ट किया है कि इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है और वह लेबनान से अपनी सेना पीछे नहीं हटाएगा। समझौते की घोषणा से ठीक पहले बेरूत पर हुए इजरायली हमले की ट्रंप ने आलोचना भी की थी।
इस कूटनीतिक समझौते को ट्रंप प्रशासन की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक बड़े संकट से उबारने की राह खोल दी है।
