40.5 C
Kolkata
Thursday, June 4, 2026

एनआईए का बड़ा एक्शन: भांगर बम विस्फोट मामले में पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला के घर छापा, बेटा हिरासत में

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिला अंतर्गत भांगर में हुए बहुचर्चित बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार सुबह एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। एनआईए की एक उच्च स्तरीय टीम ने केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की भारी मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कद्दावर नेता व पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के जीवनतला स्थित पैतृक आवास पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी की इस औचक दबिश से पूरे इलाके के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।

10 वाहनों में पहुंचे सैकड़ों जवान, ऐन वक्त पर गायब मिले पूर्व विधायक शौकत मोल्ला

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के लगभग 10 गाड़ियों के काफिले में सवार होकर पहुंचे एनआईए के आला अधिकारियों और अर्धसैनिक बल के जवानों ने देखते ही देखते शौकत मोल्ला के पूरे रिहायशी परिसर और आस-पास के इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। हालांकि, जब जांच टीम ने घर के भीतर प्रवेश किया, तो पूर्व विधायक शौकत मोल्ला वहां उपस्थित नहीं थे। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि छापेमारी की भनक लगते ही वे ऐन वक्त पर मौके से गायब हो गए, जिनकी तलाश में टीमें संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए हैं।

बेटे इमरान मोल्ला को लाकर शुरू हुई पूछताछ, पत्नी और बेटी भी पहुंचीं

मुख्य आरोपी के घर पर न मिलने के बाद एनआईए के अधिकारियों ने उनके पुत्र इमरान मोल्ला को मौके पर बुलाया। जांच टीम इमरान को अपने साथ घर के भीतर ले गई, जहाँ बंद कमरे में उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है और घर की अलमारियों व लॉकरों में रखे संदिग्ध दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। घर पर तलाशी अभियान की खबर मिलते ही शौकत मोल्ला की पत्नी और बेटी भी जीवनतला स्थित आवास पर पहुँच गईं। इसके साथ ही, एनआईए की एक समानांतर टीम ने पूर्व विधायक के आधिकारिक कार्यालय (ऑफिस) के चप्पे-चप्पे को भी खंगाला है।

विस्फोट से जुड़े सबूतों की तलाश, घायलों को छिपाने वाले वाहनों के मालिकों पर भी शिकंजा

केंद्रीय एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कवायद भांगर के बामुनिया इलाके में हुए उस भीषण बम धमाके के सिलसिले में की जा रही है, जिसमें एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। एनआईए की टीमें विस्फोट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य गुप्त जानकारियों को खंगाल रही हैं। इसके अलावा, जांच टीम उन संदिग्ध वाहन मालिकों और ड्राइवरों के घरों पर भी पहुंची है, जिन्होंने धमाके के तुरंत बाद घायलों को अवैध रूप से छिपाने और उन्हें दूसरी जगहों पर ले जाने में मदद की थी।

सुरक्षा हटाए जाने के बाद बढ़ीं मुश्किलें, कैनिंग पूर्व से दो बार रह चुके हैं विधायक

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह घटना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि शौकत मोल्ला तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर वर्ष 2016 और वर्ष 2021 में कैनिंग पूर्व विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं और क्षेत्र में उनका खासा राजनीतिक प्रभाव है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से उनकी आधिकारिक सुरक्षा (गार्ड्स) को वापस ले लिया गया था, जिसके तुरंत बाद केंद्रीय एजेंसी का यह बड़ा कानूनी शिकंजा उन पर कसा है। वर्तमान में भी उनके आवास के बाहर सुरक्षा घेरा कड़ा रखा गया है।

Related Articles

नवीनतम लेख