सारण| आगामी मानसून और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। शनिवार को जिलाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) विनीत कुमार ने संयुक्त रूप से रिविलगंज प्रखंड अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्र और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की ऐतिहासिक जन्मस्थली ‘सिताबदियारा’ का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ पूर्व की जा रही तैयारियों की जमीनी हकीकत जानी।
कटाव निरोधी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश, कल से होगा जियो बैग का भंडारण
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी किनारे चल रहे कटाव निरोधी (Anti-Erosion) कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सुरक्षात्मक उपायों को तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया। डीएम ने कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) को स्पष्ट हिदायत दी कि रविवार से ही पर्याप्त मात्रा में जियो बैग, बालू की बोरियां और क्रेट का आपातकालीन भंडारण (Emergency Stock) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने नदी के जल स्तर पर 24 घंटे पैनी नजर रखने को कहा है।
यूपी प्रशासन के साथ बनेगी संयुक्त कार्ययोजना, सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम
सिताबदियारा की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण, बाढ़ और कटाव की साझा चुनौती से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। डीएम ने सदर एसडीओ (SDO) और एसडीपीओ (SDPO) को उत्तर प्रदेश प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय बैठक (Coordination Meeting) करने और एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी ओर, एसएसपी विनीत कुमार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को अलर्ट करते हुए निर्देश दिया कि वे संभावित बाढ़ के दौरान बनाए जाने वाले राहत शिविरों (Relief Camps) की सुरक्षा और प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभी से पूरी तरह मुस्तैद रहें।
