पटना । सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद देर रात मंत्रियों के विभागों का औपचारिक रूप से बंटवारा कर दिया गया है। इस बार के बंटवारे में कई चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग, सामान्य प्रशासन और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं। सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों के कोटे में हुआ है, जहाँ परंपरागत रूप से रहने वाले विभागों की अदला-बदली की गई है।
इस बार स्वास्थ्य विभाग जदयू के कोटे में आया है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को सौंपी गई है। वहीं, शिक्षा विभाग अब भाजपा के पास है और मिथिलेश तिवारी बिहार के नए शिक्षा मंत्री बनाए गए हैं।
प्रमुख मंत्रियों को मिली ये जिम्मेदारियां
मंत्रिमंडल में अनुभवी चेहरों को भी महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो दिए गए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को कृषि मंत्री बनाया गया है, जबकि नीतीश मिश्रा को नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी मिली है। अन्य प्रमुख विभागों का विवरण इस प्रकार है:
विजय कुमार चौधरी: जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री।
रामकृपाल यादव: सहकारिता विभाग।
श्रेयसी सिंह: उद्योग एवं खेल मंत्री।
अशोक चौधरी: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण।
दीपक प्रकाश: पंचायती राज।
इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार: पथ निर्माण मंत्री।
बदले गए कई समीकरण
ग्रामीण विकास मंत्रालय का प्रभार श्रवण कुमार के पास ही बरकरार रखा गया है। वहीं बुलो मंडल को ऊर्जा मंत्री, दामोदर रावत को परिवहन और लेशी सिंह को भवन निर्माण विभाग सौंपा गया है। अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी एक बार फिर मो. जमा खान को दी गई है। इसके अलावा, सुनील कुमार को ग्रामीण कार्य और केदार प्रसाद गुप्ता को पर्यटन विभाग का जिम्मा मिला है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग दिलीप जायसवाल को और आपदा प्रबंधन विभाग रत्नेश सदा को सौंपा गया है। इस नए मंत्रिमंडल गठन के साथ ही सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।

