वाशिंगटन । अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता को एक बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इजराइल और लेबनान तीन सप्ताह (21 दिन) के लिए सैन्य विराम (सीज फायर) पर सहमत हो गए हैं। यह निर्णय गुरुवार को वाशिंगटन में आयोजित राजदूत स्तर की बैठक के बाद लिया गया।
युद्ध विराम की मियाद बढ़ी
अल जजीरा और सीबीएस न्यूज के अनुसार, शुरुआती 10 दिनों का युद्ध विराम जो 16 अप्रैल को लागू हुआ था, उसे अब बढ़ाकर तीन हफ्ते कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस समझौते की पुष्टि करते हुए इसे शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
ओवल ऑफिस में हुई अहम बैठक
इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें शामिल प्रमुख चेहरे थे:
जेडी वेंस (उपराष्ट्रपति) और मार्को रूबियो (विदेश मंत्री)।
इजराइल और लेबनान में नियुक्त अमेरिकी राजदूत—माइक हकाबी और मिशेल इस्सा।
दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक प्रतिनिधि।
ट्रंप ने कहा, “बैठक बहुत प्रभावी रही और मैं जल्द ही प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति जोसेफ आउन की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हूं।”
तनाव और हिजबुल्लाह का रुख
शांति वार्ता के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि स्थायी शांति के लिए ईरान को हिजबुल्लाह की फंडिंग बंद करनी होगी। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने इजराइली हमलों के जवाब में श्टुला बस्ती पर रॉकेट दागे हैं। वहीं इजराइली सेना ने इनमें से कई रॉकेटों को मार गिराने का दावा किया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि वे ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार हैं, बस अमेरिका की ‘हरी झंडी’ का इंतजार है।
“लेबनान को फिर से महान बनाएंगे”
व्हाइट हाउस में लेबनान की राजदूत नाडा हमादेह मोअवाद ने अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए दक्षिण लेबनान में हो रही तबाही को रोकने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के नारे की तर्ज पर कहा, “हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे।”

