भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी गई है। रिपोर्ट हाथ में आते ही जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है।
उच्चतम न्यायालय में पेश होगी एम्स की सीलबंद रिपोर्ट
ट्विशा शर्मा के अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बताया कि एम्स दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच एजेंसी को मिल चुकी है। फिलहाल सीबीआई की टीम इस रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर रही है, जिसे जल्द ही उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अदालत से मिलने वाले आगामी निर्देशों के आधार पर ही अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली कानूनी दिशा तय होगी।
गर्भपात और मौत के कनेक्शन पर टिकी सीबीआई की नजर
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई का मुख्य फोकस अब ट्विशा के गर्भधारण, गर्भपात और उसके बाद हुई मौत के बीच की कड़ियों को जोड़ने पर है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि गर्भपात से लेकर मौत तक का घटनाक्रम किस प्रकार बदला। इसके लिए दोनों पक्षों के दावों, पारिवारिक परिस्थितियों, फोन रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण पूरा कर हर तथ्य को बारीकी से परखा जा रहा है।
डमी टेस्ट की रिपोर्ट से होगा पोस्टमार्टम का मिलान
एम्स की रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट के निशानों और गर्भपात से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। इधर, क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) द्वारा तैयार की गई डमी टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट का मूल्यांकन भी तेज हो गया है। एम्स की रिपोर्ट का मिलान इस डमी टेस्ट से किया जा रहा है, ताकि यह साफ हो सके कि यह मामला आत्महत्या है, खुदकुशी के लिए उकसाना है या फिर कोई गहरी साजिश।
शुरुआती जांच में लापरवाही, तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर पर गिरेगी गाज
इस मामले की शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाहियां भी उजागर हुई हैं। कटारा हिल्स थाने के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा पर घटना में इस्तेमाल बेल्ट को डॉक्टरों तक पहुंचाने में दो दिन की देरी करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इसे बड़ी चूक माना गया है, जिसके बाद एसआई दिनेश शर्मा के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
डिलीटेड डेटा रिकवर करने में जुटी साइबर टीम, जेल में हैं आरोपी
सीबीआई की एक विशेष टीम ट्विशा के मोबाइल और लैपटॉप से डिलीट किए गए डेटा, चैट, फोटो और वीडियो को रिकवर करने में जुटी है। इस मामले में ट्विशा की सास व सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह और पति अधिवक्ता समर्थ सिंह फिलहाल भोपाल की केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप हैं। नए तथ्य सामने आने पर सीबीआई आरोपियों से जेल में दोबारा पूछताछ कर सकती है।
