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Wednesday, April 15, 2026

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं ही भारत की असली ताकत: पीएम मोदी

मांड्या (कर्नाटक) | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कर्नाटक के मांड्या में स्थित आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ में ‘श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सभ्यता की जीवंतता पर जोर देते हुए कहा कि हजारों वर्षों से चली आ रही हमारी परंपराओं की निरंतरता ही दुनिया में भारत को अद्वितीय बनाती है। समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी उनके साथ मौजूद रहे।

देशवासियों से प्रधानमंत्री के ‘9 विशेष आग्रह’
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए जनता के सामने नौ संकल्प रखे:
जल संरक्षण: पानी के बेहतर प्रबंधन को अपनाएं।
वृक्षारोपण: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें।
स्वच्छता: इसे सरकारी कार्यक्रम नहीं, जन आंदोलन बनाएं।
वोकल फॉर लोकल: स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।
पर्यटन: विदेश जाने से पहले अपने देश की विविधता को देखें।
प्राकृतिक खेती: किसान रसायन मुक्त खेती की ओर बढ़ें।
श्री अन्न (मिलेट्स): स्वास्थ्य के लिए मोटे अनाज को भोजन में शामिल करें।
फिटनेस: योग और खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं।
सेवा भाव: जरूरतमंदों की मदद कर समाज को मजबूत करें।

मठ की विरासत और संतों का योगदान
प्रधानमंत्री ने आदिचुंचनगिरि मठ की 2,000 वर्षों की समृद्ध विरासत की सराहना की। उन्होंने दिवंगत संत डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों से लाखों वंचित बच्चों का भविष्य संवरा है। उन्होंने मंदिर को आध्यात्मिकता और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बताया।

स्वास्थ्य योजनाओं पर जोर
पीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों के मार्गदर्शन और जनभागीदारी से ‘विकसित कर्नाटक’ और ‘विकसित भारत’ का सपना जल्द साकार होगा।

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