वाशिंगटन/बीजिंग । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की पहली और बेहद महत्वपूर्ण चीन यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं। बुधवार शाम वह बीजिंग पहुंचेंगे, जहां पूरी दुनिया की नजरें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी होने वाली द्विपक्षीय वार्ता पर टिकी हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक तनाव (टैरिफ वॉर) को सुलझाना और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करना है।
वार्ता के प्रमुख एजेंडे: व्यापार और खाड़ी युद्ध
ट्रंप की इस यात्रा में 525 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात पर असर डालने वाले व्यापार विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। वार्ता में मुख्य रूप से निम्न बिन्दुओं पर चर्चा होगी:
टैरिफ और व्यापार: दुर्लभ खनिजों को लेकर लंबित व्यापार समझौता।
मध्य पूर्व संकट: खाड़ी युद्ध और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा।
ईरान को चेतावनी: बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि या तो समझौता होगा या ईरान पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
FDA में बड़ा फेरबदल: मार्टी मकारी का इस्तीफा
दौरे के बीच ही ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर बड़ी प्रशासनिक घोषणा की। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर मार्टी मकारी ने इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह काइल डायमांटास को कार्यवाहक कमिश्नर नियुक्त किया गया है। जानकारों का मानना है कि यह बदलाव व्हाइट हाउस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे कथित तनाव का परिणाम है।
मीडिया पर भड़के ट्रंप: “फेक न्यूज देशद्रोह के समान”
राष्ट्रपति ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिनमें ईरान को युद्ध में मजबूत दिखाया जा रहा है। उन्होंने इसे “देशद्रोह” करार देते हुए कहा कि दुश्मन की मदद करना और उसे उकसाना अपराध है। साथ ही, फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन के चेयरमैन ब्रेंडन कैर ने गलत रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया संस्थानों के प्रसारण लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी है।
क्या होगा असर?
ट्रंप के साथ अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी इस दौरे पर हैं। उन्होंने शी जिनपिंग को अपना “अच्छा दोस्त” बताते हुए उम्मीद जताई है कि इस मुलाकात से बहुत कुछ सकारात्मक निकलकर आएगा। गुरुवार को बीजिंग में भव्य स्वागत समारोह के बाद दोनों नेताओं के बीच आधिकारिक बैठक होगी।

