नई दिल्ली | इंजीनियरिंग सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड का आईपीओ (IPO) आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से 88.51 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। अगर आप शेयर बाजार में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास 27 अप्रैल तक बोली लगाने का समय है।
IPO से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें
सब्सक्रिप्शन खुलेगा: 23 अप्रैल, 2026
सब्सक्रिप्शन बंद होगा: 27 अप्रैल, 2026
शेयर अलॉटमेंट: 28 अप्रैल, 2026
डीमैट क्रेडिट: 29 अप्रैल, 2026
लिस्टिंग की तारीख: 30 अप्रैल, 2026 (BSE SME प्लेटफॉर्म)
प्राइस बैंड और निवेश की सीमा
कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 21 रुपये से 23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों के लिए लॉट साइज 6,000 शेयरों का रखा गया है।
न्यूनतम निवेश (Retail): 1,38,000 रुपये (एक लॉट)
कुल शेयर: 3,84,84,000 शेयर (फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों शामिल)
आरक्षण का गणित
इस आईपीओ में अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों के लिए हिस्सा आरक्षित किया गया है:
रिटेल इनवेस्टर्स: 47.55%
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII): 42.70%
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 4.75%
मार्केट मेकर: 5%
कंपनी की वित्तीय सेहत: लाभ और चुनौती
सेबी (SEBI) के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी के मुनाफे में शानदार बढ़त देखी गई है।
मुनाफा (Profit): वित्त वर्ष 2022-23 में जो लाभ मात्र 28 लाख रुपये था, वह वित्त वर्ष 2023-24 में उछलकर 16.39 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2025 तक कंपनी 14.18 करोड़ का शुद्ध लाभ कमा चुकी है।
राजस्व (Revenue): वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने 162.88 करोड़ का राजस्व जुटाया था।
चिंता का विषय: कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। 2022-23 में जो कर्ज 13.05 करोड़ था, वह दिसंबर 2025 तक बढ़कर 32.22 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार मजबूती आई है।
मैनेजमेंट टीम
इस इश्यू के लिए ‘फिनशोर मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड’ बुक रनिंग लीड मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि ‘इंटिग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज’ को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

