रांची: झारखंड में होटल इंडस्ट्री और पर्यटन क्षेत्र पर नए टैक्स का साया मंडरा रहा है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए ‘झारखंड सिटी टूरिस्ट टैक्स रूल्स 2025’ के विरोध में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) ने मोर्चा खोल दिया है। चैंबर ने वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर को पत्र लिखकर इस टैक्स पर तुरंत पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने का आग्रह किया है।
क्या है नया सिटी टूरिस्ट टैक्स?
कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए नए नियमों के अनुसार, पर्यटकों के होटल में ठहरने पर अतिरिक्त कर का प्रावधान है:
-
घरेलू पर्यटक: होटल के कुल बिल पर 2.5% तक अतिरिक्त टैक्स।
-
विदेशी पर्यटक: विदेशी मेहमानों के लिए यह दर और भी अधिक, लगभग 4.1% तक होगी।
‘वन नेशन, वन टैक्स’ के सिद्धांत का उल्लंघन: चैंबर
चैंबर भवन में आयोजित होटल संचालकों की बैठक में व्यापारियों ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि होटल इंडस्ट्री पर पहले से ही 5 से 18 प्रतिशत तक जीएसटी प्रभावी है।

