रांची | राजधानी में आज सुबह एक जंगली हाथी के रिहायशी इलाके में घुस आने से हड़कंप मच गया। जंगल से भटककर आया यह हाथी गलियों और मोहल्लों में घूमने लगा, जिसे देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हाथी को वापस जंगल में भेजने के प्रयास शुरू कर दिए गए।
पूरी घटनाक्रम : यह हाथी सुबह करीब 4 AM बजे धुर्वा डैम की तरफ मुड़ गया। एक आँख से देखने में दिक्कत है। रात्रि में हाथी को भगाने के बाद यह 13 km चलके धुर्वा डैम पर वापस आया। सुबह 4:30 AM बजे सिथियो में था और वहाँ से रिस्पॉन्स मिलने तक हटिया पहुँचा और सुबह 6 AM बजे NIFFT कैंपस में एंटर किया। उसके बाद हवाई नगर, बिरसा चौक के बहुत पास। वहाँ से एयरपोर्ट बाउंड्री के साथ चलाया गया। ATC को अलर्ट किया गया और फिर हेथू, लतमा रोड, उबेरिया को पार किया और उसके बाद कोचबोंग के पास रिंग रोड पार किया और अभी भी ग्राउंड टीम इसे काफी आगे तक चला रही है।
बिरसा चौक के पास हाथी की मौजूदगी ने बढाई चिंता : शुक्रवार सुबह, रांची के व्यस्त इलाके हवाई नगर में अचानक एक विशाल जंगली हाथी के पहुंच जाने से खलबली मच गई। लोगों ने डर के मारे अपने घरों में शरण ली, जबकि सड़कों पर गुजर रहे लोग इधर-उधर भागने लगे। इस घटना ने बच्चों को भी डरा दिया जो सुबह-सुबह स्कूल जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विशालकाय हाथी सुबह करीब 7 बजे बोरियाकला इलाके से शहर में घुस आया। उसने रास्ते में कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचाया और वाहनों को धक्का दिया, लेकिन किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंचाई।
वन विभाग और पुलिस टीम ने संभाला मोर्चा : घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने इलाके की स्थिति को नियंत्रित करते हुए हाथी को शांत करने और उसे शहर से बाहर करने का अभियान शुरू किया। सायरन बजाकर और पटाखे फोड़कर वन अधिकारियों ने हाथी को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर ले जाने का प्रयास किया। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह हाथी जंगल से भटककर यहां आ गया था और इसे सुरक्षित तरीके से जंगल में लौटाने की कोशिश की जा रही है।
झारखंड में जंगली हाथियों का बढ़ता खतरा : झारखंड में जंगली हाथियों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 13 और 14 फरवरी को, हाथियों ने हजारीबाग जिले में 24 घंटे के भीतर 7 लोगों की जान ले ली थी। इसके अलावा, 16 फरवरी को लातेहार जिले में एक हाथी का झुंड ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं, 20 फरवरी को बिहार से पलामू के रास्ते झारखंड में प्रवेश करते हुए एक हाथी देखा गया।
मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, दी निर्देश : हाथियों के हमले की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन विभाग और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मानव जीवन की रक्षा के लिए विशेष योजना बनाने और पीड़ित परिवारों को त्वरित मुआवजा देने का निर्देश दिया। हाल के महीनों में, राज्य में हाथियों के हमलों में लगभग 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।


